Hazoor Multi Projects के लिए Q1 FY27 के नतीजे चिंताजनक हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट घटकर सिर्फ **₹0.30 करोड़** रह गया, जो पिछले क्वार्टर में **₹32.38 करोड़** था। साथ ही, कंपनी ने **14,459** शेयरों को फॉरफीट (forfeit) भी किया है।
Hazoor Multi Projects को Q1 FY27 में बड़ा झटका!
Hazoor Multi Projects ने 30 जून, 2026 को समाप्त तिमाही के लिए अपने स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड वित्तीय नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹0.30 करोड़ (यानी ₹29.98 लाख) पर आ गया है। यह पिछली तिमाही के ₹32.38 करोड़ के मुकाबले एक भारी गिरावट है।
कंसोलिडेटेड रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस (revenue from operations) भी घटकर ₹119.66 करोड़ रह गया, जबकि पिछली तिमाही में यह ₹158.41 करोड़ था।
शेयर फॉरफीचर का मामला
इसके अलावा, कंपनी के बोर्ड ने 14,459 पार्टली पेड-अप इक्विटी शेयरों को फॉरफीट (forfeit) करने की मंजूरी दे दी है। यह फैसला कॉल मनी का भुगतान न करने के कारण लिया गया है।
क्यों मायने रखता है यह?
मुनाफे और रेवेन्यू में आई यह भारी कमी कंपनी के ऑपरेशनल परफॉर्मेंस और मौजूदा बाजार की चुनौतियों की ओर इशारा करती है। शेयरों की फॉरफीचर कैपिटल कलेक्शन में समस्याओं को दर्शाती है, जिसका सीधा असर कंपनी की फाइनेंशियल स्ट्रक्चर पर पड़ सकता है।
पिछली तिमाही की कहानी
पिछली तिमाही (Q4 FY26) में, Hazoor Multi Projects ने ₹32.38 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट और ₹158.41 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया था। वहीं, पिछले साल की समान तिमाही (Q1 FY26) में कंपनी ने ₹13.79 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट और ₹180.02 करोड़ का रेवेन्यू कमाया था।
आगे क्या?
अब निवेशकों की निगाहें मैनेजमेंट के स्पष्टीकरण पर होंगी। वे कंपनी की परफॉर्मेंस में आई इस गिरावट को दूर करने और कैपिटल कलेक्शन की दिक्कतों से निपटने के लिए भविष्य की रणनीतियों को जानना चाहेंगे।
जोखिम जिन पर नजर
आगे चलकर मुनाफे में और कमी, रेवेन्यू में गिरावट, और शेयर कलेक्शन से जुड़ी समस्याओं के कारण कैपिटल स्ट्रक्चर और निवेशक के भरोसे पर पड़ने वाले संभावित नकारात्मक प्रभाव प्रमुख जोखिम हो सकते हैं।
