Grovy India लिमिटेड अपने विस्तार और वित्तीय मजबूती के लिए एक बड़ी तैयारी कर रही है। कंपनी प्रेफरेंशियल इश्यू के जरिए लगभग ₹15.01 करोड़ जुटाने जा रही है। इस फंड का इस्तेमाल लोन चुकाने, प्रोजेक्ट डेवलपमेंट और कंपनी के सामान्य कामों के लिए किया जाएगा। इसके साथ ही, कंपनी ने प्रति शेयर ₹0.10 का फाइनल डिविडेंड (Dividend) देने का भी ऐलान किया है।
प्रेफरेंशियल इश्यू से ₹15.01 करोड़ जुटाएगी Grovy India
Grovy India लिमिटेड ने ऐलान किया है कि वह प्रेफरेंशियल इश्यू के तहत ₹36 प्रति इक्विटी शेयर के भाव पर 41,69,433 इक्विटी शेयर जारी करेगी। इससे कंपनी को कुल मिलाकर लगभग ₹15.01 करोड़ की पूंजी मिलेगी।
फंड का इस्तेमाल कहां होगा?
कंपनी ने इस नई पूंजी के इस्तेमाल की विस्तृत योजना भी बताई है:
- लोन चुकाना: करीब ₹7 करोड़ का इस्तेमाल नवंबर 2026 तक लोन की अदायगी और प्री-पेमेंट के लिए किया जाएगा।
- प्रोजेक्ट डेवलपमेंट: लगभग ₹5 करोड़ मौजूदा प्रोजेक्ट्स जैसे C-8 आनंद निकेतन, A-138 नीति बाग, और B-107 गुलमोहर पार्क के विकास में लगाए जाएंगे। यह काम अप्रैल 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है।
- कॉर्पोरेट खर्चे: बाकी बचे ₹3 करोड़ का इस्तेमाल फरवरी 2027 तक कंपनी के सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
नेतृत्व में बदलाव और शेयर कैपिटल में बढ़ोतरी
इस प्रेफरेंशियल इश्यू और भविष्य की विस्तार योजनाओं को सुविधाजनक बनाने के लिए, कंपनी के बोर्ड ने अपने ऑथराइज्ड शेयर कैपिटल को ₹13.5 करोड़ से बढ़ाकर ₹25 करोड़ करने की मंजूरी दे दी है।
इसके साथ ही, कंपनी के नेतृत्व में भी अहम बदलाव होने जा रहे हैं। श्री प्रकाश चंद जालान 12 जून, 2026 से पांच साल की अवधि के लिए मैनेजिंग डायरेक्टर (Managing Director) सह चेयरमैन (Chairperson) का पद संभालेंगे। श्री अंकुर जालान, जो वर्तमान में CFO हैं, वे नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (Non-Executive Director) के पद पर चले जाएंगे।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
यह पूंजी जुटाने की कवायद Grovy India की बैलेंस शीट को मजबूत करेगी, जिससे कर्ज का बोझ कम होगा। साथ ही, प्रोजेक्ट डेवलपमेंट से कंपनी की परिचालन क्षमता भी बढ़ेगी। नेतृत्व में बदलाव कंपनी की भविष्य की रणनीति और गवर्नेंस में एक नए अध्याय की शुरुआत का संकेत देता है।
जोखिम (Risk Factor)
निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि नए शेयर जारी होने से मौजूदा शेयरधारकों के लिए इक्विटी पर आंशिक पतलापन (Dilution) का प्रभाव पड़ सकता है, जो अल्पावधि में अर्निंग्स पर असर डाल सकता है।
