Godrej Properties का Q2 FY27 नेट प्रॉफिट **62%** घटकर **₹154 करोड़** रह गया है। हालांकि, मुनाफे में कमी के बावजूद कंपनी ने सस्टेनेंस सेल्स में **83%** का उछाल और ऑपरेटिंग कैश फ्लो में **300%** की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की है।
आंकड़ों का गणित और असली तस्वीर
कंपनी का नेट प्रॉफिट भले ही घटकर ₹154 करोड़ पर आ गया हो, लेकिन ऑपरेशनल फ्रंट पर कंपनी ने मजबूती दिखाई है। कंपनी की कुल आय 38% बढ़कर ₹2,575 करोड़ पहुंच गई है। मैनेजमेंट का कहना है कि प्रॉफिट में यह गिरावट प्रोजेक्ट डिलीवरी के समय और जॉइंट वेंचर से जुड़ी अकाउंटिंग एडजस्टमेंट के कारण आई है।
क्यों मजबूत है कंपनी का बिजनेस?
प्रॉफिट की मार के बावजूद, कंपनी के पास काम की कोई कमी नहीं है। मुंबई, बेंगलुरु और गुरुग्राम जैसे बाजारों में डिमांड जबरदस्त है, जिसके चलते सस्टेनेंस सेल्स में 83% का बड़ा जंप देखने को मिला है। साथ ही, कंपनी की कलेक्शन 31% बढ़कर ₹5,318 करोड़ रही है। ऑपरेटिंग कैश फ्लो में 300% की तिमाही दर तिमाही (sequential) बढ़ोतरी यह बताती है कि कंपनी के पास लिक्विडिटी की कोई कमी नहीं है।
आगे का रास्ता और चुनौतियां
मैनेजमेंट ने दूसरी छमाही (H2) के लिए ₹32,000 करोड़ के प्रोजेक्ट पाइपलाइन का ऐलान किया है, जिसे लेकर वे काफी कॉन्फिडेंट हैं। कंपनी का लक्ष्य फाइनेंशियल ईयर 2028 तक 20% का रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) हासिल करना है। हालांकि, निवेशकों को जॉइंट वेंचर से जुड़ी अकाउंटिंग वॉलिटिलिटी और NCR रीजन में NGT के कंस्ट्रक्शन बैन जैसे रेगुलेटरी रिस्क पर नजर रखनी होगी।
