Embassy Developments ने Q1 FY27 के नतीजे जारी किए हैं, जिसमें कंपनी का रेवेन्यू 68% घटकर **₹217 करोड़** रह गया है। वहीं, नेट लॉस बढ़कर **₹234 करोड़** हो गया है। हालांकि, प्री-सेल्स (Pre-sales) में **338%** की जबरदस्त तेजी आई है और यह **₹868 करोड़** तक पहुंच गई है।
Embassy Developments के Q1 FY27 नतीजे: रेवेन्यू में 68% की गिरावट, घाटा बढ़ा
Embassy Developments के लिए पहली तिमाही (Q1 FY27) के वित्तीय नतीजे मिले-जुले रहे। कंपनी के रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस (Revenue from operations) में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 68% की भारी गिरावट आई है, जो घटकर ₹217 करोड़ रह गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹681 करोड़ था।
घाटे का बढ़ना जारी
इसी के साथ, कंपनी को ₹234 करोड़ का नेट लॉस (Net Loss) हुआ है, जो पिछले साल की पहली तिमाही के ₹165 करोड़ के घाटे से कहीं ज़्यादा है।
क्यों हैं मिले-जुले नतीजे?
कंपनी का कहना है कि यह गिरावट रिवर्स मर्जर (Reverse Merger) के बाद के अकाउंटिंग ट्रीटमेंट (Accounting Treatment) और लंबे प्रोजेक्ट साइकिल्स (Long Project Cycles) के कारण है। लेकिन, इसके बावजूद, कंपनी के प्री-सेल्स (Pre-sales) में 338% का ज़बरदस्त उछाल देखा गया है, जो ₹868 करोड़ तक पहुंच गया। वहीं, कलेक्शन (Collections) में भी 54% की बढ़ोतरी हुई है और यह ₹496 करोड़ हो गया।
आगे क्या?
कंपनी ने Embassy Group को कनवर्टिबल वारंट्स (Convertible Warrants) के प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट (Preferential Allotment) को भी मंजूरी दे दी है। इसका मकसद शेयरहोल्डर डेट (Shareholder Debt) को चुकाना और कैपिटल कॉस्ट (Cost of Capital) को कम करना है। मैनेजमेंट अपने FY2027 के प्री-सेल्स टारगेट ₹6,000 करोड़ (owned projects) और ₹2,000 करोड़ (development management) को लेकर आश्वस्त है।
