Embassy Developments ने Q1 FY27 के लिए ₹234 करोड़ का नेट लॉस (Net Loss) दर्ज किया है, जो पिछले साल के ₹166 करोड़ के लॉस से ज्यादा है। हालांकि, कंपनी के लिए अच्छी खबर यह है कि प्री-सेल्स (Presales) में 338% का जबरदस्त उछाल आया और यह ₹868 करोड़ पर पहुंच गई। साथ ही, कलेक्शन (Collections) में 54% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹496 करोड़ रहा।
Embassy Developments Q1 FY27 नतीजों का खुलासा: घाटा बढ़ा, पर प्री-सेल्स में रिकॉर्ड उछाल
Embassy Developments ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) के लिए अपने नतीजे जारी किए हैं। कंपनी को इस तिमाही में ₹234 करोड़ का नेट लॉस (Net Loss) हुआ है, जबकि पिछले साल की इसी अवधि में यह लॉस ₹166 करोड़ था। कंपनी के रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस (Revenue from Operations) में भी गिरावट देखी गई, जो ₹217 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल यह ₹681 करोड़ था। EBITDA भी गिरकर -₹106 करोड़ पर आ गया, जो पिछले साल +₹2 करोड़ था।
ऑपरेशनल मोर्चे पर दमदार प्रदर्शन
इनগুলোর संख्या वित्तीय नतीजों के बावजूद, कंपनी ने अपने ऑपरेशनल मेट्रिक्स में शानदार प्रदर्शन किया है। Q1 FY27 में प्री-सेल्स (Presales) पिछले साल की तुलना में 338% बढ़कर ₹868 करोड़ हो गई। वहीं, कलेक्शन (Collections) में 54% की वृद्धि दर्ज की गई और यह ₹496 करोड़ पर पहुंच गया। यह आंकड़े बाजार में मजबूत मांग और प्रभावी प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन का संकेत देते हैं।
प्रमोटर का भरोसा और डेट घटाने की रणनीति
कंपनी के लिए एक और अहम खबर यह है कि बोर्ड ने प्रमोटर Embassy Group को ₹111.51 प्रति शेयर के भाव पर वारंट्स (Warrants) के प्रीफरेंशियल अलॉटमेंट को मंजूरी दे दी है। इससे लगभग ₹1,063 करोड़ जुटाये जाने का अनुमान है, जिसका इस्तेमाल शेयरहोल्डर डेट को चुकाने में किया जाएगा। इस कदम का मकसद प्रमोटर के डेट को शून्य करना है।
आगे क्या उम्मीद करें?
मैनेजमेंट का मानना है कि कैलेंडर वर्ष 2027 के मध्य तक कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ आ सकता है, क्योंकि मौजूदा प्रोजेक्ट्स पूरे होने लगेंगे। इससे कलेक्शन बढ़ेगा और डेट कम करने में मदद मिलेगी। Embassy Developments अपने बैलेंस शीट को मजबूत करने और ऑपरेशनल पाइपलाइन को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। वित्त वर्ष 2027 के लिए कंपनी के पास ₹19,400 करोड़ का लॉन्च पाइपलाइन (Launch Pipeline) है।
जोखिमों पर नजर
निवेशकों को प्रोजेक्ट कंप्लीशन से जुड़े रेवेन्यू रिकग्निशन (Revenue Recognition) के प्रभाव पर नजर रखनी होगी, क्योंकि इससे शॉर्ट-टर्म में रिपोर्टेड लॉस दिख सकता है। साथ ही, अप्रूवल्स मिलने में लगने वाले समय के कारण लॉन्च में तिमाही आधार पर उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। नासिक स्थित 1,400 एकड़ की लैंड बैंक (Land Bank) पर भी नजर रहेगी, जिसके समाधान में अगले 6-9 महीने लग सकते हैं।
