EFC (I) Limited ने अपनी सब्सिडियरी Sanvritti Alpha Private Limited को **₹39 करोड़** में Sanvritti Global Private Limited को बेच दिया है। पुणे के Konark Alpha बिल्डिंग में स्थित इस ऑफिस स्पेस के लिए कंपनी ने 'लीज-बैक' (Lease-back) मॉडल चुना है, जिससे EFC अपना कामकाज जारी रखेगी और साथ ही फंड्स भी जुटाएगी।
क्या है यह डील और कंपनी का प्लान?
EFC (I) Limited ने इस रणनीतिक कदम के जरिए अपनी एसेट को लिक्विड कैपिटल (Liquid Capital) में बदल दिया है। इस सौदे के तहत कंपनी ने पुणे के Konark Alpha बिल्डिंग में मौजूद अपनी 2 फ्लोर की प्रॉपर्टी को Sanvritti Global को ट्रांसफर किया है। कंपनी ने इसे 'एसेट-लाइट लीज-बैक' मॉडल के तहत किया है, जिसका मतलब है कि प्रॉपर्टी बेचने के बाद भी EFC वहां अपना को-वर्किंग स्पेस का कारोबार पहले की तरह ही चलाती रहेगी।
रेगुलेटरी और गवर्नेंस की स्थिति
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह सौदा किसी भी 'रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन' (Related Party Transaction) के दायरे में नहीं आता है और सेबी (SEBI) के नियमों का पूरी तरह पालन किया गया है। खरीदार कंपनी का प्रमोटर ग्रुप से कोई संबंध नहीं है। इस सब्सिडियरी का फाइनेंशियल ईयर 2026 के दौरान टर्नओवर ₹2.21 करोड़ रहा था।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
बाजार की नजर अब इस पर है कि कंपनी इस ₹39 करोड़ की मिली रकम का उपयोग कैसे करती है। यदि EFC आगे चलकर अपने अन्य पोर्टफोलियो में भी इस तरह का 'एसेट-लाइट' मॉडल अपनाती है, तो इससे कंपनी की बैलेंस शीट में काफी लचीलापन (Flexibility) आ सकता है, जो शेयरहोल्डर्स के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।
