DS Kulkarni Developers 10 सितंबर, 2026 को अपनी AGM बुला रही है। इस मीटिंग में कंपनी ₹2,000 करोड़ के बड़े 'रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन्स' और फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स को मंजूरी देने की तैयारी में है। कंपनी पहले से ही जांच के दायरे में है और उसके पास इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स भी नहीं हैं।
DS Kulkarni Developers की AGM में ₹2,000 करोड़ के सौदों को मंजूरी?
DS Kulkarni Developers Limited ने अपनी 35वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) की घोषणा कर दी है, जो 10 सितंबर, 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित की जाएगी। शेयरहोल्डर्स को इस मीटिंग में कंपनी के ₹2,000 करोड़ तक के बड़े 'रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन्स' को मंजूरी देनी होगी।
क्या हुआ है खास?
कंपनी की 35वीं AGM में मुख्य एजेंडा वित्तीय वर्ष 2025-26 के ऑडिटेड फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स को अपनाना और रोटेशन के आधार पर रिटायर होने वाले डायरेक्टर की पुनः नियुक्ति करना होगा। लेकिन, मीटिंग का एक बड़ा हिस्सा चार अलग-अलग 'मटेरियल रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन्स' पर वोटिंग के लिए रखा जाएगा। इनमें से हर ट्रांजैक्शन की सीमा ₹500 करोड़ प्रति फाइनेंशियल ईयर 2026-27 तक होगी। ये सौदे प्रॉपर्टी की बिक्री और रिसोर्स ट्रांसफर से जुड़े हैं, जो Classic Promoters and Builders Private Limited, Moonbrick Realty Private Limited, Ashdan Township Ventures Private Limited, और Ashdan Township Holdings Private Limited जैसी कंपनियों के साथ होंगे।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
यह प्रस्तावित ₹2,000 करोड़ के 'रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन्स' शेयरहोल्डर्स के लिए चिंता का विषय हैं। हालांकि कंपनी का कहना है कि ये सामान्य बिजनेस के तहत और 'आर्म्स लेंथ' बेसिस पर हो रहे हैं, लेकिन इनका आकार जांच की मांग करता है। इससे भी बड़ी बात यह है कि कंपनी की स्टैंडअलोन रिपोर्ट के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2025-26 में ₹36.45 लाख का नेट लॉस दर्ज किया गया है, जबकि पिछले साल ₹1,311.69 लाख का मुनाफा था। कंपनी के पास इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स का न होना और MPID व PMLA एक्ट के तहत चल रही जांचें, कॉर्पोरेट गवर्नेंस के जोखिम को और बढ़ाती हैं।
कंपनी का पिछला रिकॉर्ड
DS Kulkarni Developers का इतिहास विवादों से भरा रहा है। कंपनी पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगे हैं और यह जांच के घेरे में है। पिछले फाइनेंशियल ईयर में कंपनी को स्टैंडअलोन आधार पर मुनाफे से घाटे में जाना पड़ा। पिछले साल कंपनी ने तीन विदेशी सब्सिडियरी में निवेश राइट-ऑफ भी किया था। हाल ही में, 13 जुलाई, 2026 से Moonbrick Realty Private Limited कंपनी की पूरी तरह से मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी बन गई है।
अब आगे क्या?
AGM में शेयरहोल्डर्स प्रस्तावित सौदों और फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स पर अपनी मुहर लगाएंगे। इन वोटों का नतीजा ही कंपनी के इन बड़े सौदों से जुड़े तत्काल परिचालन और वित्तीय दिशा तय करेगा। इसके अलावा, Sumit Ramesh Diwane की डायरेक्टर के तौर पर पुनः नियुक्ति की भी पुष्टि की जाएगी।
जोखिम पर नजर
सबसे बड़े जोखिम MPID Act और PMLA के तहत चल रही जांचों से जुड़े हैं। इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स की कमी के कारण, ऑडिट कमेटी और नॉमिनेशन और रेमुनरेशन कमेटी जैसी अहम बोर्ड कमेटियां नहीं बन पा रही हैं, जो कॉर्पोरेट गवर्नेंस को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा करती हैं। अगर जांचों में कंपनी के खिलाफ कोई प्रतिकूल नतीजा आता है, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
अन्य कंपनियों से तुलना
आमतौर पर रियल एस्टेट डेवलपर्स प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन और लैंड एक्विजिशन के लिए 'रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन्स' करते हैं। लेकिन, DS Kulkarni Developers द्वारा प्रस्तावित ₹2,000 करोड़ का आंकड़ा काफी बड़ा है, खासकर तब जब कंपनी मौजूदा स्टैंडअलोन फाइनेंशियल ईयर में घाटे में चल रही हो।
महत्वपूर्ण तारीखें
- AGM की तारीख: 10 सितंबर, 2026
- ई-वोटिंग अवधि: 7 सितंबर, 2026 (सुबह 09:00 IST) से 9 सितंबर, 2026 (शाम 05:00 IST)
- वोटिंग के लिए कट-ऑफ तारीख: 4 सितंबर, 2026
- मटेरियल रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन की सीमा: ₹500 करोड़ प्रति एंटिटी (FY 2026-27) - कुल ₹2,000 करोड़।
- स्टैंडअलोन फाइनेंशियल: FY 2025-26 के लिए ₹36.45 लाख का लॉस आफ्टर टैक्स।
