DLF ने अपने नए प्रोजेक्ट्स के दम पर शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी ने **₹3,800 करोड़** की सेल्स बुकिंग दर्ज की है, जिसमें लग्जरी प्रोजेक्ट्स की डिमांड सबसे आगे रही।
लग्जरी पोर्टफोलियो का दबदबा
कंपनी के लिए हालिया तिमाही बेहद मजबूत रही है। 'Aureva' प्रोजेक्ट पूरी तरह से बिक चुका है, जबकि सुपर-लग्जरी प्रोजेक्ट 'Dahlias' में अब तक 276 यूनिट्स की बिक्री हो चुकी है और इसके दाम में 10% का इजाफा भी किया गया है। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹2,298 करोड़ रहा, जिसमें ₹738 करोड़ का एकमुश्त लाभ भी शामिल है।
क्यों नजरअंदाज न करें ये आंकड़े?
मैनेजमेंट ने साफ किया है कि कंपनी 'कंप्लीटेड कॉन्ट्रैक्ट मेथड' का पालन करती है, इसलिए रेवेन्यू का पूरा असर प्रोजेक्ट पूरे होने पर दिखेगा। निवेशकों के लिए FY27-28 का समय बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है, जिसे कंपनी रेवेन्यू के बड़े उछाल का साल मान रही है। इसके अलावा, रेंटल बिजनेस (DCCDL) ने 17% की प्रॉफिट ग्रोथ दिखाई है और ऑक्यूपेंसी 96% के ऊंचे स्तर पर है।
ऑपरेशनल अपडेट्स और रिस्क फैक्टर
- लैंड बैंक: गुरुग्राम के सेक्टर 61 में कंपनी ने 7.48 एकड़ जमीन खरीदी है, जिससे कुल 36 एकड़ का बड़ा डेवलपमेंट एरिया तैयार होगा।
- कैश पोजीशन: कंपनी के पास ₹15,100 करोड़ का भारी-भरकम नेट कैश बैलेंस है, जो इसे मजबूत स्थिति में रखता है।
- सावधानी: विंटर सीजन में दिल्ली-NCR में GRAP लागू होने और लेबर माइग्रेशन की वजह से कंस्ट्रक्शन की रफ्तार पर थोड़ा असर पड़ सकता है, जिस पर निवेशकों को नजर रखनी चाहिए।
