Cube Highways Trust के लिए यह फाइनेंशियल ईयर (FY26) शानदार रहा। कंपनी ने पिछले सालों के भारी घाटे को पीछे छोड़ते हुए **₹216.72 करोड़** का मुनाफा दर्ज किया है। साथ ही, ट्रस्ट ने SEBI के पास पब्लिक InvIT के तौर पर लिस्ट होने के लिए अर्जी दी है, जिसमें **₹5,000 करोड़** तक के ऑफर फॉर सेल (OFS) का प्लान है।
घाटे से मुनाफे का सफर
Cube Highways Trust ने 31 मार्च, 2026 को खत्म हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए ₹216.72 करोड़ का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया है। यह पिछले दो सालों के घाटे, FY2024 में ₹705.92 करोड़ और FY2025 में ₹35.72 करोड़ के मुकाबले एक बड़ी कामयाबी है। वहीं, कंपनी के ऑपरेशंस से होने वाली कमाई (Revenue from operations) बढ़कर ₹4,238.89 करोड़ हो गई है।
पब्लिक लिस्टिंग की राह
कंपनी के इन्वेस्टमेंट मैनेजर ने 13 जुलाई, 2026 को SEBI को ऑफर डॉक्यूमेंट सबमिट कर दिया है। इसके तहत, ट्रस्ट को प्राइवेट-लिस्टेड से पब्लिक-लिस्टेड इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (InvIT) में बदला जाएगा। इस पब्लिक ऑफर में मौजूदा यूनिट होल्डर्स की ओर से ₹5,000 करोड़ तक का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है। इसके अलावा ₹1,250 करोड़ तक का एक स्ट्रैटेजिक इन्वेस्टर पोर्शन भी हो सकता है।
क्यों है यह खबर अहम?
मुनाफे में वापसी कंपनी की बढ़ी हुई ऑपरेशनल एफिशिएंसी और बेहतर फाइनेंशियल मैनेजमेंट को दर्शाती है। पब्लिक लिस्टिंग से ट्रस्ट की लिक्विडिटी (Liquidity) बढ़ेगी, मार्केट में उसकी पहचान मजबूत होगी और मौजूदा निवेशकों को बाहर निकलने का एक अच्छा मौका मिलेगा। OFS का बड़ा आकार बताता है कि लिस्टिंग के बाद स्टॉक में काफी ट्रेडिंग एक्टिविटी देखने को मिल सकती है।
अब आगे क्या?
जैसे ही ट्रस्ट का पब्लिक InvIT में कन्वर्जन सफल होता है, उम्मीद है कि Cube Highways Trust को कैपिटल मार्केट तक बेहतर पहुंच मिलेगी और उसकी यूनिट्स के लिए एक एक्टिव सेकेंडरी मार्केट तैयार होगा। इससे निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ने और वैल्यूएशन में ज्यादा पारदर्शिता आने की संभावना है। OFS के जरिए मौजूदा यूनिट होल्डर्स अपनी होल्डिंग्स को बेचकर मुनाफा कमा सकेंगे।
इन बातों पर रखें नज़र
निवेशकों को ₹27,161.76 करोड़ के राइट्स अंडर सर्विस कंसेशन अरेंजमेंट्स से जुड़े संभावित इम्पेयरमेंट (impairment) रिस्क पर ध्यान देना चाहिए। मैनेजमेंट के ट्रैफिक, कंसेशन पीरियड और कैश फ्लो के अनुमानों में अनिश्चितताएं हो सकती हैं। साथ ही, एक सब्सिडियरी, WUPTPL, फिलहाल निगेटिव फ्री रिजर्व के कारण डिविडेंड घोषित नहीं कर पा रही है, जो इस एसेट से होने वाली आय को प्रभावित कर सकता है, हालांकि इसके लिए कैपिटल रिडक्शन स्कीम मांगी जा रही है।
कंपनी के नंबर्स
- कुल संपत्ति (Total Assets): ₹29,398.47 करोड़ (FY26)
- नॉन-करंट बोरिंग्स (Non-Current Borrowings): ₹17,135.37 करोड़ (FY26)
- रोड एसेट्स (Road Assets): 27 (31 मार्च, 2026 तक)
- NDCF (Trust Level): ₹1,625.65 करोड़
आगे क्या करें?
निवेशकों को पब्लिक InvIT कन्वर्जन के लिए जरूरी अप्रूवल और प्रगति पर नजर रखनी चाहिए। OFS की सफलता और लिस्टिंग के बाद कंपनी का प्रदर्शन अहम रहेगा। साथ ही, इम्पेयरमेंट रिस्क का लगातार मूल्यांकन और WUPTPL जैसी सब्सिडियरीज के ऑपरेशनल मुद्दों का समाधान भविष्य में होने वाले कैश फ्लो के लिए महत्वपूर्ण होगा।
ऑडिटर की राय
S.B. Billimoria & Co. LLP ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स पर कोई आपत्ति नहीं जताई है।
