Crest Ventures ने FY26 के लिए ₹159.14 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू और ₹47.87 करोड़ का प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल की तुलना में क्रमशः 22% और 47% कम है। कंपनी ने ₹1 प्रति शेयर डिविडेंड देने का ऐलान किया है और अपने वित्तीय सेवा बिजनेस को डीमर्ज करने का प्रस्ताव भी रखा है।
Crest Ventures ने FY26 के नतीजे किए जारी, ₹1 डिविडेंड का ऐलान
Crest Ventures Limited ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अपने कंसोलिडेटेड वित्तीय नतीजों की घोषणा कर दी है। कंपनी ने कुल ₹159.14 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया है, जो पिछले वित्तीय वर्ष (FY 2024-25) के ₹204.29 करोड़ से कम है। वहीं, FY 2025-26 के लिए कंपनी का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स ₹47.87 करोड़ रहा, जो FY 2024-25 के ₹90.17 करोड़ की तुलना में काफी कम है।
क्या हुआ?
Crest Ventures ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए ₹159.14 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू और ₹47.87 करोड़ का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स दर्ज किया। यह FY 2024-25 के ₹204.29 करोड़ के रेवेन्यू और ₹90.17 करोड़ के प्रॉफिट से कम है। मैनेजमेंट ने इस रेवेन्यू में कमी का मुख्य कारण कंपनी के इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो में 'फेयर वैल्यू एडजस्टमेंट' को बताया है।
क्यों है ये अहम?
इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो एडजस्टमेंट के कारण वित्तीय प्रदर्शन में आई यह गिरावट सीधे शेयरधारकों को मिलने वाले रिटर्न को प्रभावित करती है। हालांकि, कंपनी के प्रस्तावित फाइनेंशियल सर्विसेज बिजनेस के डीमर्जर का लक्ष्य शेयरधारकों के लिए वैल्यू अनलॉक करना है। वहीं, ₹1 प्रति इक्विटी शेयर का अनुशंसित डिविडेंड भी निवेशकों को सीधा रिटर्न प्रदान करता है।
पूरी कहानी
FY 2024-25 में Crest Ventures ने ₹204.29 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू और ₹90.17 करोड़ का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स दर्ज किया था। चालू वित्तीय वर्ष के नतीजे एक चुनौतीपूर्ण कारोबारी माहौल को दर्शाते हैं, जिसे मैनेजमेंट ने भू-राजनीतिक अस्थिरता, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और कमजोर रुपये से प्रभावित बताया है।
अब क्या बदलेगा?
बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन, FY 2025-26 के लिए ₹1 प्रति फुली-पेड-अप इक्विटी शेयर के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि फाइनेंशियल सर्विसेज बिजनेस के डीमर्जर के लिए एक स्कीम ऑफ अरेंजमेंट को मंजूरी दी गई है। यदि यह सफल होता है, तो Crest Capital and Investment Limited एक अलग एंटिटी बन जाएगी।
कंपनी का रियल एस्टेट वर्टिकल नए प्रोजेक्ट्स जैसे Crest Golfshire (Chembur, Mumbai) और Crest Saidale (Breach Candy, Mumbai) के साथ विस्तार कर रहा है, जो मौजूदा प्रोजेक्ट्स को कॉम्प्लीमेंट करते हैं। फाइनेंशियल सर्विसेज डिवीजन ने महत्वपूर्ण वृद्धि देखी है, जिसमें नॉन-एसएलआर डेस्क में लगभग 30% और डेरिवेटिव्स डेस्क में 37% की वृद्धि हुई है। गिफ्ट सिटी यूनिट अब चालू है और रेवेन्यू जेनरेट कर रही है।
जोखिम
मैनेजमेंट ने मैक्रोइकॉनोमिक जोखिमों पर प्रकाश डाला, जिसमें संभावित भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में लगातार वृद्धि और रुपये में गिरावट शामिल है, जो इनपुट लागत और खरीदार की भावना को और प्रभावित कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, प्रीमियम रियल एस्टेट बाजारों में स्थानीय ओवरसप्लाई प्रोजेक्ट एब्जॉर्प्शन रेट और प्रॉफिट मार्जिन के लिए जोखिम पैदा करता है।
आगे क्या देखें?
निवेशक फाइनेंशियल सर्विसेज बिजनेस के डीमर्जर की प्रगति, शेयरधारकों की मंजूरी और आने वाले वित्तीय वर्ष में इनपुट लागतों और संभावित रियल एस्टेट ओवरसप्लाई को मैनेज करने की कंपनी की क्षमता पर करीब से नजर रखेंगे।
