Capital Infra Trust अब **₹2,921.4 करोड़** की छह हाईवे SPVs का अधिग्रहण करेगा। साथ ही, कंपनी **₹2,675 करोड़** तक की पूंजी जुटाने की तैयारी में है और नए CIO व CFO की नियुक्ति भी की गई है।
Capital Infra Trust ने हाईवे संपत्तियों पर खेला दांव!
Capital Infra Trust ने अपने निवेश प्रबंधक Gawar Investment Manager Private Limited के ज़रिये, अपने स्पॉन्सर Gawar Construction Limited से छह हाईवे स्पेशल पर्पज़ व्हीकल्स (SPVs) में 100% इक्विटी के अधिग्रहण को मंज़ूरी दे दी है। इन छह संपत्तियों का कुल एंटरप्राइज वैल्यू ₹2,921.4 करोड़ है।
बड़े पैमाने पर फंड जुटाने की तैयारी
Trust ने ₹2,675 करोड़ तक की पूंजी जुटाने की भी योजना बनाई है। इसके अलावा, स्पॉन्सर को लगभग ₹125 करोड़ के लिए 1,66,11,200 यूनिट्स के प्रेफरेंशियल इश्यू को भी मंज़ूरी दी गई है।
क्यों है यह डील अहम?
यह अधिग्रहण Capital Infra Trust के पोर्टफोलियो का एक बड़ा विस्तार है, जो लंबी अवधि के स्थिर रिटर्न की क्षमता वाली इंफ्रास्ट्रक्चर संपत्तियों पर केंद्रित है। फंड जुटाने की योजना इन अधिग्रहणों और भविष्य के विकास को फंड करने के लिए एक रणनीतिक कदम का संकेत देती है। मैनेजमेंट में हुए बदलावों से इन रणनीतिक पहलों को आगे बढ़ाने के लिए नया नेतृत्व मिला है।
क्या होंगे अहम बदलाव?
इन छह हाईवे SPVs के जुड़ने से Capital Infra Trust की एसेट बेस में काफी बढ़ोतरी होगी। कंपनी इन अधिग्रहणों को सपोर्ट करने के लिए फंड जुटाने का अभियान भी शुरू करेगी। CIO और CFO जैसे प्रमुख पदों पर अनुभवी पेशेवरों की नियुक्ति की गई है।
निवेशकों को किन बातों पर नज़र रखनी चाहिए?
निवेशकों को पूंजी जुटाने की पहलों की सफलता और पोस्टल बैलेट के ज़रिये यूनिटहोल्डर की मंज़ूरी प्रक्रिया पर नज़र रखनी होगी। नए एसेट्स का एकीकरण और अधिग्रहण के बाद उनका प्रदर्शन महत्वपूर्ण होगा। फंड जुटाने के लिए नियामक स्वीकृतियां भी एक प्रमुख कारक हैं।
तुलना और आगे क्या?
इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (InvITs) आमतौर पर रोड, पावर ट्रांसमिशन लाइन्स और पोर्ट जैसी आय-उत्पन्न करने वाली संपत्तियों का अधिग्रहण करते हैं। IRB InvIT Fund और India Grid Trust जैसी कंपनियां इसी तरह के क्षेत्रों में काम करती हैं। निवेशकों को यूनिटहोल्डर के पोस्टल बैलेट के नतीजे, पूंजी जुटाने के लिए नियामक स्वीकृतियों की समय-सीमा और संपत्ति अधिग्रहण के औपचारिक समापन पर बारीकी से नज़र रखनी चाहिए।
