Arvind SmartSpaces के शेयर में बम्पर तेजी! Q1 में मुनाफे में 700% का उछाल, सेल्स 147% बढ़ी

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Arvind SmartSpaces के शेयर में बम्पर तेजी! Q1 में मुनाफे में 700% का उछाल, सेल्स 147% बढ़ी

Arvind SmartSpaces ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) में शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट (PAT) पिछले साल के **₹12 करोड़** से बढ़कर **₹97 करोड़** हो गया है। वहीं, कंपनी की प्री-सेल्स (Presales) में **147%** की जबरदस्त उछाल देखी गई, जो **₹432 करोड़** तक पहुंच गई।

Arvind SmartSpaces के नतीजे:

₹432 करोड़ की प्री-सेल्स (Presales) के साथ Arvind SmartSpaces ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) की शुरुआत धमाकेदार की है। यह पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 147% ज्यादा है। कंपनी का रेवेन्यू (Revenue) भी तीन गुना से ज्यादा बढ़कर ₹318 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹102 करोड़ था। सबसे अच्छी बात यह है कि कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹12 करोड़ से बढ़कर ₹97 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी के कलेक्शन (Collections) में भी 76% की जोरदार ग्रोथ देखने को मिली और यह ₹336 करोड़ तक पहुंच गया।

बेंगलुरु प्रोजेक्ट का बड़ा कमाल:

इस शानदार प्रदर्शन का मुख्य कारण बेंगलुरु में चल रहे 'Orchards' प्रोजेक्ट के फेज-1 के लिए बिल्डिंग अप्रूवल (BU permissions) मिलना है। इस प्रोजेक्ट ने कंपनी की बिक्री और मुनाफे दोनों को खूब बढ़ाया है। कंपनी की क्रेडिट रेटिंग (Credit Rating) में सुधार होकर AA- (Stable) हो जाना भी निवेशकों का भरोसा बढ़ा रहा है।

कंपनी का पोर्टफोलियो विस्तार:

Arvind SmartSpaces ने इस तिमाही में नए प्रोजेक्ट्स भी जोड़े हैं। कंपनी ने जॉइंट डेवलपमेंट मॉडल (Joint Development Models) के तहत करीब ₹2,600 करोड़ ग्रॉस डेवलपमेंट वैल्यू (GDV) वाले प्रोजेक्ट्स अपने पोर्टफोलियो में शामिल किए हैं। इनमें मुंबई के गोरेगांव (Goregaon) में एक री-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट और गुजरात के अहमदाबाद (Ahmedabad) के साउथ में एक रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट शामिल है।

आगे क्या उम्मीदें:

कंपनी ने पूरे वित्त वर्ष 2027 के लिए अपने बुकिंग ग्रोथ के लक्ष्य को 35%-40% पर बरकरार रखा है। कंपनी का लक्ष्य ₹4,000-5,000 करोड़ का GDV जोड़ना है। अगले कुछ तिमाहियों में कंपनी 6 नए लॉन्च करने की योजना बना रही है, जिनसे ₹3,000-3,500 करोड़ की बुकिंग आने की उम्मीद है। कंपनी के पास ₹3,825 करोड़ का अन-रिकॉग्नाइज्ड रेवेन्यू (Unrecognized Revenue) है, जो अगले चार सालों में रेवेन्यू के रूप में दर्ज होगा।

जोखिम पर रखें नजर:

कंपनी के मैनेजमेंट ने साफ किया है कि रेवेन्यू की पहचान (Revenue Recognition) अप्रूवल मिलने पर निर्भर करती है, जिससे तिमाही नतीजों का अनुमान लगाना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। कंपनी को मुंबई, बेंगलुरु और गुजरात जैसे प्रमुख बाजारों में एग्जीक्यूशन (Execution) और कीमतों को लेकर भी सतर्क रहना होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.