Artefact Projects ने जून 2026 तिमाही के लिए अपने नतीजे घोषित कर दिए हैं। कंपनी के नेट प्रॉफिट में **7.6%** की गिरावट आई है और यह **₹94.30 लाख** रहा। इस गिरावट का मुख्य कारण कंपनी की नई रेवेन्यू रिकग्निशन पॉलिसी है।
क्यों घटी कमाई?
कंपनी ने रेवेन्यू दर्ज करने का तरीका बदला है। अब क्लाइंट से मंजूरी मिलने के बाद ही रेवेन्यू को गिना जाएगा। इस नई, ज्यादा सतर्क नीति के चलते, कंपनी की रिपोर्टेड सेल्स में ₹5.18 करोड़ की कमी आई है, और नेट प्रॉफिट में ₹2.13 करोड़ की गिरावट दर्ज की गई है। नतीजतन, जून 2026 तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट घटकर ₹94.30 लाख रह गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह ₹1.02 करोड़ था। प्रति शेयर आय (EPS) भी ₹1.40 से घटकर ₹1.30 हो गई है।
आगे क्या बदलेगा?
इस नई अकाउंटिंग पॉलिसी से भविष्य में कंपनी की कमाई के आंकड़े ज्यादा सटीक दिखेंगे, क्योंकि यह वास्तविक काम पूरा होने और क्लाइंट द्वारा स्वीकार किए जाने को दर्शाएंगे। मैनेजमेंट का मानना है कि इससे लंबे समय में कमाई में ज्यादा स्थिरता आएगी। हालांकि, तत्काल अवधि में रिपोर्ट किए गए आय और लाभ कम दिख सकते हैं।
कहाँ है जोखिम?
ऑडिटर्स ने दो सहकारी बैंकों - श्री राम अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड (₹5.01 लाख) और श्री आनंद नागर सहकारी बैंक लिमिटेड (₹3.51 लाख) में कंपनी के निवेश के वैल्यू पर 'Emphasis of Matter' यानी विशेष ध्यान देने की बात कही है। मैनेजमेंट का कहना है कि ये निवेश पूरी तरह से वसूले जा सकते हैं और इनके लिए कोई प्रोविजन (प्रावधान) की जरूरत नहीं है। हालांकि, ऑडिटर्स द्वारा इस बात का उल्लेख किए जाने से निवेशकों को इन निवेशों पर नजर रखने की सलाह दी जाती है, क्योंकि भविष्य में इनके मूल्य में कमी का जोखिम हो सकता है।
