Arihant Superstructures ने अपनी पिछली तिमाही के नतीजे जारी किए हैं, जिसमें कंपनी का कंसोलिडेटेड ऑपरेटिंग रेवेन्यू **9%** बढ़कर **₹132 करोड़** रहा। कंपनी हॉस्पिटैलिटी में **₹500 करोड़** का निवेश कर रही है और FY2027 तक **2,500** यूनिट डिलीवर करने की योजना बना रही है।
Arihant Superstructures के दमदार नतीजे
Arihant Superstructures ने हाल ही में अपने वित्तीय नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी के कंसोलिडेटेड ऑपरेटिंग रेवेन्यू में पिछले साल की तुलना में 9% की बढ़त दर्ज की गई है, जो अब ₹132 करोड़ हो गया है। वहीं, सेल्स बुकिंग में 15% की शानदार उछाल आई और यह ₹173 करोड़ पर पहुंच गई। कलेक्शन भी 28% बढ़कर ₹161 करोड़ रहा। कंपनी ने ₹28 करोड़ का EBITDA दर्ज किया, जिसमें 21% का मार्जिन रहा। साथ ही, ₹10 करोड़ का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) कमाया, जिसका मार्जिन 7.4% रहा।
क्यों है यह अहम?
यह रेवेन्यू ग्रोथ कंपनी के रियल एस्टेट प्रोडक्ट्स की मजबूत मांग को दर्शाता है। हालांकि, मौजूदा 7.4% का PAT मार्जिन मैनेजमेंट के लॉन्ग-टर्म लक्ष्य से थोड़ा कम है। कंपनी अपने प्रोजेक्ट्स के मिक्स में बदलाव कर रही है, पुराने, कम मार्जिन वाले प्रोजेक्ट्स से नए, ज्यादा मार्जिन वाले प्रोजेक्ट्स की ओर बढ़ रही है। मैनेजमेंट का मानना है कि इस बदलाव से अगले दो सालों में PAT मार्जिन 20% से ऊपर चला जाएगा।
कंपनी की बैकस्टोरी
Arihant Superstructures मुख्य रूप से मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) और नवी मुंबई पर फोकस कर रही है। इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट जैसे कि आने वाला इंटरनेशनल एयरपोर्ट और अटल सेतु का कंपनी को फायदा मिल रहा है। इसके अलावा, कंपनी अपने हॉस्पिटैलिटी और क्लब व्यवसायों में ₹500 करोड़ का बड़ा निवेश कर रही है, जिसका मकसद एक स्थिर आय (annuity income) स्ट्रीम बनाना है।
अब आगे क्या?
कंपनी इस वित्तीय वर्ष में नई जमीन की खरीद नहीं करेगी और अपने मौजूदा ₹14,000 करोड़ ग्रॉस डेवलपमेंट वैल्यू (GDV) वाले प्रोजेक्ट्स को पूरा करने पर ध्यान केंद्रित करेगी। हॉस्पिटैलिटी एसेट्स में किया गया निवेश ऑपरेशन शुरू होने के तीसरे या चौथे साल से सालाना ₹50 करोड़ का PAT योगदान दे सकता है।
जोखिम जिन पर नजर
निवेशकों के लिए चिंता का विषय ₹818 करोड़ का नेट डेट है, जो ₹460 करोड़ की नेट वर्थ की तुलना में काफी ज्यादा है। कंपनी को हॉस्पिटैलिटी प्रोजेक्ट्स में पैसा लगाते समय अपने कर्ज को प्रभावी ढंग से कम करने की जरूरत होगी। मार्जिन में लगातार कमी, जिसे प्रोजेक्ट लाइफसाइकिल से जोड़ा जा रहा है, इस पर बारीकी से नजर रखने की आवश्यकता होगी।
पीयर कंपैरिजन
रियल एस्टेट सेक्टर में कर्ज का स्तर और एग्जीक्यूशन का जोखिम हमेशा बना रहता है। Arihant का एक विशिष्ट हाई-डिमांड वाले क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करना और हॉस्पिटैलिटी में विविधता लाना इसकी अलग रणनीति है।
आगे के लक्ष्य
कंपनी का लक्ष्य FY2027 के अंत तक 2,500 यूनिट्स डिलीवर करना है। हॉस्पिटैलिटी एसेट्स से FY2029/FY2030 से सालाना ₹50 करोड़ का PAT मिलने का अनुमान है। 30 जून 2026 तक नेट डेट ₹818 करोड़ था।
