रियल एस्टेट कंपनी Arihant Superstructures ने वित्त वर्ष 2026 के लिए प्रति शेयर **₹0.25** के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है। हालांकि कंपनी का रेवेन्यू बढ़कर **₹550.97 करोड़** पहुंच गया, लेकिन नेट प्रॉफिट में गिरावट देखी गई है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
कंपनी के ऑपरेशनल प्रदर्शन की बात करें तो रेवेन्यू में अच्छी बढ़त देखने को मिली है। FY26 में कंपनी का रेवेन्यू ₹550.97 करोड़ रहा, जो पिछले साल ₹498.83 करोड़ था। हालांकि, मुनाफे के मोर्चे पर निवेशकों को थोड़ी निराशा हुई है; कंपनी का नेट प्रॉफिट (PAT) घटकर ₹46.04 करोड़ रह गया है, जो कि FY25 में ₹54.68 करोड़ था।
लीडरशिप और बदलाव
कंपनी ने अपने मैनेजमेंट स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव करते हुए पार्थ छाजेड़ और भाविक छाजेड़ को जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर्स (JMD) के पद पर प्रमोट किया है। वहीं, 43वीं एनुअल जनरल मीटिंग 24 सितंबर, 2026 को नवी मुंबई में प्रस्तावित है, जहां डिविडेंड पर अंतिम मुहर लगेगी।
भविष्य की रणनीति (Strategy Shift)
Arihant Superstructures अब अपना फोकस अर्बन अपार्टमेंट्स से हटाकर पनवेल-चौक-कर्जत कॉरिडोर में 'विला लिविंग' की ओर शिफ्ट कर रही है। साथ ही, कंपनी हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में भी कदम रख रही है ताकि रियल एस्टेट के उतार-चढ़ाव से बचकर एक रेगुलर इनकम का जरिया बनाया जा सके। वर्तमान में कंपनी का Gross Development Value (GDV) लगभग ₹14,000 करोड़ है, जिसमें 19 प्रोजेक्ट्स और 21 मिलियन वर्ग फुट का दायरा शामिल है।
गवर्नेंस और रेगुलेटरी अपडेट
बोर्ड ने डॉ. रघुवीर सिंह राजपुरोहित को इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के रूप में नियुक्त किया है। कंपनी ने यह भी स्वीकार किया कि पिछले कुछ समय में SEBI LODR रेगुलेशन के अनुपालन में कमी के कारण उन्हें एक्सचेंज को पेनाल्टी भरनी पड़ी थी, जिसे अब दुरुस्त कर लिया गया है।
