Ansal Housing के लिए मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। कंपनी ने FY26 में **₹39.41 करोड़** का कंसोलिडेटेड नेट लॉस दर्ज किया है, वहीं Enforcement Directorate (ED) ने कंपनी की **₹82.79 करोड़** की संपत्ति कुर्क कर ली है।
बिगड़ती फाइनेंशियल सेहत
कंपनी के हालिया नतीजों में भारी गिरावट देखने को मिली है। फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के दौरान कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू 24.66% गिरकर ₹289.29 करोड़ रह गया है। वहीं, नेट प्रॉफिट जो पहले ₹19.14 करोड़ था, अब सिमटकर सिर्फ ₹1.52 करोड़ पर आ गया है। कंपनी का कंसोलिडेटेड स्तर पर मुनाफा ₹17.81 करोड़ से घटकर सीधा ₹39.41 करोड़ के घाटे में बदल गया है।
ED का एक्शन और कानूनी पेच
मुश्किलें सिर्फ मुनाफे तक सीमित नहीं हैं। Enforcement Directorate (ED) के गुरुग्राम जोन ने 'Prevention of Money Laundering Act' (PMLA) के तहत कंपनी के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। ED ने गुरुग्राम के सेक्टर-83 स्थित 'Ansal Hub-83' प्रोजेक्ट की 2.46 एकड़ जमीन और निर्माण कार्य से जुड़ी ₹82.30 करोड़ की लागत को मिलाकर कुल ₹82.79 करोड़ की संपत्ति अटैच कर ली है। हालांकि, कंपनी ने इस आदेश को चुनौती देने की बात कही है।
कर्ज और डिफॉल्ट का बोझ
Ansal Housing फिलहाल Suraksha ARC के साथ कर्ज को फिर से व्यवस्थित (Restructuring) करने की प्रक्रिया से गुजर रही है। कंपनी ने 31 मार्च 2026 तक ₹61.82 करोड़ के प्रिंसिपल अमाउंट और उस पर बकाया ब्याज के भुगतान में चूक (Default) की जानकारी दी है। इसी कारण बोर्ड ने इस साल कोई डिविडेंड न देने का फैसला लिया है।
आगे क्या होगा?
निवेशकों के लिए अब सबसे महत्वपूर्ण 'Adjudicating Authority' की कार्यवाही पर नजर रखना होगा। कंपनी की ऑपरेशनल स्थिरता अब पूरी तरह से ED की कार्रवाई और कर्ज पुनर्गठन की सफलता पर टिकी है।
