Ansal Housing को लगा तगड़ा झटका, 37 करोड़ से ज्यादा का घाटा
Ansal Housing Ltd ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए अपने ऑडिटेड स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड वित्तीय नतीजे पेश किए हैं। कंपनी को स्टैंडअलोन बेसिस पर ₹1.52 करोड़ का आफ्टर टैक्स प्रॉफिट हुआ, जो पिछले साल के ₹19.14 करोड़ से काफी कम है। लेकिन, कंसोलिडेटेड तौर पर कंपनी को ₹37.37 करोड़ का घाटा हुआ, जबकि पिछले साल इसी अवधि में ₹18.10 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया गया था।
निवेशक हुए निराश, डिविडेंड पर भी 'ना'
कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए किसी भी तरह के डिविडेंड की सिफारिश न करने का फैसला किया है। इससे शेयरधारकों को मिलने वाले रिटर्न पर असर पड़ा है। इसके अलावा, कंपनी की CSR कमेटी को भी भंग कर दिया गया है।
गुरुगराम प्रोजेक्ट्स का होगा फोरेंसिक ऑडिट
एक बड़ी डेवलपमेंट में, कंपनी ने गुरुगराम के कुछ खास प्रोजेक्ट्स के लिए फोरेंसिक ऑडिट शुरू करने की घोषणा की है। यह ऑडिट एक आर्बिट्रल ट्रिब्यूनल द्वारा नियुक्त किया गया है, जिसमें ग्रांट थॉर्नटन (Grant Thornton) ऑडिटर के तौर पर काम करेगी। जिन प्रोजेक्ट्स का ऑडिट होना है, उनमें Ansal Boulevard, Ansal Hub, और Ansal Height शामिल हैं।
विवादों का साया और चिंताएं
यह कंपनी लगातार कानूनी और आर्बिट्रेशन के मामलों से जूझ रही है, खासकर Samyak Projects Private Limited के साथ। इन विवादों के कारण रेवेन्यू रिकग्निशन और इंटरेस्ट इनकम पर असर पड़ा है। कंपनी के स्टैट्यूटरी ऑडिटर ने भी 'Emphasis of Matter' पैराग्राफ के जरिए इन कानूनी मामलों और प्रोजेक्ट एडवांसेज की रिकवरी पर सवाल उठाए हैं, जो निवेशकों के लिए चिंता का विषय है।
आगे क्या?
फोरेंसिक ऑडिट की शुरुआत एक अहम मोड़ है। निवेशक ग्रांट थॉर्नटन की रिपोर्ट का बेसब्री से इंतजार करेंगे। कंपनी का मैनेजमेंट हालांकि, लंबित अपीलों में सफलता और एडवांसेज व डिपॉजिट की रिकवरी को लेकर आश्वस्त दिख रहा है।
किन जोखिमों पर रखें नजर?
आने वाले समय में फोरेंसिक ऑडिट के नतीजे और Samyak Projects के साथ चल रहे आर्बिट्रेशन के परिणाम मुख्य जोखिम रहेंगे। ऑडिटर की 'Emphasis of Matter' रिपोर्ट भी संभावित वित्तीय अनिश्चितताओं की ओर इशारा करती है। डिविडेंड का न मिलना भी इनकम चाहने वाले निवेशकों के लिए एक नकारात्मक संकेत हो सकता है।
प्रदर्शन पर एक नजर (FY25-26 बनाम FY24-25)
- वित्तीय वर्ष 2025-26:
- कंसोलिडेटेड लॉस आफ्टर टैक्स: ₹37.37 करोड़
- स्टैंडअलोन रेवेन्यू: ₹284.69 करोड़
- वित्तीय वर्ष 2024-25:
- कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स: ₹18.10 करोड़
- स्टैंडअलोन रेवेन्यू: ₹366.18 करोड़
