Ansal Housing Limited ने आधिकारिक तौर पर Suraksha Asset Reconstruction Private Limited को **₹90.22 करोड़** के प्रिंसिपल अमाउंट का भुगतान न कर पाने की जानकारी दी है। यह कंपनी की गंभीर लिक्विडिटी समस्या को दर्शाता है।
क्या है पूरा मामला?
Ansal Housing Limited ने एक्सचेंज फाइलिंग में खुलासा किया है कि 31 अगस्त, 2026 तक कंपनी एक सिक्योर प्रोजेक्ट फंडिंग सुविधा के तहत ₹90.22 करोड़ का मूलधन चुकाने में विफल रही है। कंपनी ने साफ किया है कि इस डिफॉल्ट में अभी ब्याज (Interest) की राशि शामिल नहीं है।
क्यों है यह चिंता की बात?
यह डिफॉल्ट कंपनी की फाइनेंशियल स्टेबिलिटी पर एक बड़ा सवालिया निशान है। यह लोन सुविधा मूल रूप से ₹169 करोड़ की थी, जिस पर 14% सालाना की दर से ब्याज लग रहा था और इसे दिसंबर 2026 तक चुकाया जाना था। कंपनी का कुल फाइनेंशियल कर्ज अब ₹213.43 करोड़ पर पहुंच गया है, जिससे ऑपरेशनल कैपेसिटी पर भारी दबाव दिख रहा है।
कंपनी पर कुल कर्ज का बोझ
लेटेस्ट डेटा के अनुसार, कंपनी की वित्तीय स्थिति इस प्रकार है:
- बैंक और फाइनेंशियल संस्थानों का बकाया: ₹195.77 करोड़
- कुल फाइनेंशियल इंडेटेडनेस: ₹213.43 करोड़
निवेशकों के लिए जोखिम (Risks to watch)
अब सबकी नजर इस बात पर है कि कंपनी और लेंडर के बीच क्या कोई रीस्ट्रक्चरिंग (Restructuring) समझौता होता है। वहीं, Suraksha Asset Reconstruction द्वारा गिरवी रखी गई संपत्तियों को रिकवर करने के लिए कानूनी कदम उठाने का खतरा भी बना हुआ है। अब मार्केट की नजर इस बात पर है कि कंपनी बाकी बचे ₹120 करोड़ से ज्यादा के कर्ज को कैसे मैनेज करती है। आगे कंपनी की ओर से आने वाले एक्सचेंज नोटिफिकेशन और किसी भी संभावित एसेट सेल पर नजर रखना जरूरी है।
