Anantam Highways Trust ने ₹1,893.72 करोड़ तक में सात रोड एसेट्स (road assets) का अधिग्रहण करने का ऐलान किया है। इस डील से कंपनी के प्रोजेक्ट SPV की संख्या बढ़कर 14 हो जाएगी।
Anantam Highways Trust का पोर्टफोलियो विस्तार: ₹1,894 करोड़ की बड़ी डील!
Anantam Highways Trust ने अपने पोर्टफोलियो को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ₹1,893.72 करोड़ की कुल लागत पर सात रोड एसेट्स (road assets) का अधिग्रहण करने जा रही है। इस अधिग्रहण के बाद, ट्रस्ट के प्रोजेक्ट SPV की कुल संख्या बढ़कर 14 हो जाएगी।
क्या है पूरा मामला?
Anantam Highways Trust के इन्वेस्टमेंट मैनेजर ने सात ROFO एसेट्स के 100% अधिग्रहण को मंजूरी दे दी है। इस सौदे के लिए ₹1,893.72 करोड़ तक का भुगतान किया जाएगा। इस फंड की व्यवस्था प्रेफरेंशियल यूनिट इश्यू (preferential unit issue) के जरिए की जाएगी। ट्रस्ट 16,48,03,867 यूनिट्स जारी करेगा, जिनका इश्यू प्राइस ₹104.76 प्रति यूनिट होगा। इससे कुल ₹1,726.49 करोड़ जुटाए जाएंगे।
क्यों है यह महत्वपूर्ण?
इस अधिग्रहण से ट्रस्ट के एसेट बेस में ज़बरदस्त इज़ाफ़ा होगा और प्रोजेक्ट SPV की संख्या 14 तक पहुंच जाएगी। इससे रेवेन्यू की स्थिरता बढ़ेगी और कंपनी का भौगोलिक विविधीकरण (geographical diversification) भी मजबूत होगा। मैनेजमेंट का लक्ष्य पोर्टफोलियो की वेटेड एवरेज लाइफ (weighted average life) को बेहतर बनाना है।
बैकस्टोरी: स्पॉन्सर ग्रुप से जुड़ा है यह सौदा
यह अधिग्रहण स्पॉन्सर ग्रुप (Sponsor group) से जुड़ी संस्थाओं के साथ किया जा रहा है, जिनमें Build India Infrastructure Fund, Alpha Alternatives Financial Services, और Spectrum Edge LLP शामिल हैं। इसी वजह से, इस ट्रांजैक्शन को रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन (Related Party Transaction - RPT) के तौर पर वर्गीकृत किया गया है।
आगे क्या होगा?
ट्रस्ट इस अधिग्रहण के लिए नई यूनिट्स जारी करेगा। यूनिटहोल्डर्स से इन सभी ट्रांजैक्शन्स और प्रेफरेंशियल इश्यू के लिए मंजूरी लेने हेतु एक पोस्टल बैलट नोटिस (Postal Ballot Notice) जारी कर दिया गया है।
ध्यान देने योग्य जोखिम
इस सौदे में मुख्य चिंताएं रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन के वैल्यूएशन (valuation) की निष्पक्षता और क्लोजिंग एडजस्टमेंट्स (closing adjustments) के कारण फाइनल अधिग्रहण लागत में संभावित बदलावों को लेकर हैं।
आगे क्या ट्रैक करें?
निवेशकों को पोस्टल बैलट के नतीजों, लेंडर की मंजूरी और क्लोजिंग एडजस्टमेंट्स के बाद फाइनल अधिग्रहण लागत के निर्धारण पर बारीकी से नज़र रखनी चाहिए।
