Alpine Housing Development Corporation Ltd. ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए अपने ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स जारी कर दिए हैं। कंपनी ने इस बार ग्रोथ के जबरदस्त आंकड़े पेश किए हैं।
कंपनी के ऑपरेशन से होने वाले रेवेन्यू में 31.6% की भारी उछाल देखी गई, जो पिछले साल के ₹55.38 करोड़ की तुलना में बढ़कर ₹72.88 करोड़ हो गया। वहीं, नेट प्रॉफिट में भी 18.8% का बढ़िया इजाफा हुआ है, जो पिछले साल के ₹5.06 करोड़ से बढ़कर ₹6.01 करोड़ पर पहुंच गया। FY26 की चौथी तिमाही (Q4) में, कंपनी ने ₹19.67 करोड़ का रेवेन्यू और ₹2.62 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया।
ग्रोथ के मुख्य कारण
कंपनी की इस ग्रोथ के पीछे उसके मुख्य बिजनेस सेगमेंट का मजबूत प्रदर्शन रहा। कंस्ट्रक्शन यूनिट ने FY26 में ₹53.06 करोड़ का रेवेन्यू जेनरेट किया, जो FY25 के ₹44.08 करोड़ से ज्यादा है। मैन्युफैक्चरिंग डिवीजन ने भी प्रभावशाली ग्रोथ दिखाई, जिसका रेवेन्यू पिछले साल के ₹15.11 करोड़ से बढ़कर ₹22.71 करोड़ हो गया।
मजबूत फाइनेंशियल पोजीशन
Alpine Housing ने अपनी फाइनेंशियल हेल्थ में भी सुधार दिखाया है, जिसका मुख्य कारण कैश फ्लो में हुई बढ़ोतरी है। FY26 में नेट कैश और कैश इक्विवेलेंट्स ₹18.64 करोड़ बढ़ गए, जबकि FY25 में यह बढ़ोतरी सिर्फ ₹0.87 करोड़ की थी। यह बेहतर लिक्विडिटी भविष्य के ऑपरेशन्स के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करती है।
ऑडिटर की टिप्पणी
हालांकि ऑडिटर ने फाइनेंशियल रिजल्ट्स पर 'अनमॉडिफाइड ओपिनियन' (Unmodified Opinion) दिया है, लेकिन उन्होंने 'एमफसिस ऑफ मैटर' (Emphasis of Matter) के तहत लैंड क्लासिफिकेशन के रेट्रोस्पेक्टिव रीस्टेटमेंट (Retrospective Restatement) का जिक्र किया है। कंपनी ने अनजाने में हुई एक चूक के कारण ₹1.27 करोड़ की जमीन को इन्वेंटरी से इन्वेस्टमेंट प्रॉपर्टी में रीक्लासिफाई किया है। यह एक अकाउंटिंग एडजस्टमेंट है और इससे मौजूदा प्रॉफिटेबिलिटी पर कोई असर नहीं पड़ेगा, लेकिन यह एसेट रिपोर्टिंग में सावधानी बरतने की जरूरत पर जोर देता है।
आगे की राह
यह देखना दिलचस्प होगा कि Alpine Housing आने वाले वित्तीय वर्ष में भी अपनी ग्रोथ की गति को बनाए रख पाती है या नहीं। कंस्ट्रक्शन और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में ऑपरेशन्स का विस्तार और एसेट क्लासिफिकेशन का सावधानीपूर्वक प्रबंधन कंपनी के लिए महत्वपूर्ण होगा।
