Adhbhut Infrastructure: कंपनी की हालत खराब, **₹1.58 करोड़** का घाटा और ED की तलवार

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AuthorNeha Patil|Published at:
Adhbhut Infrastructure: कंपनी की हालत खराब, **₹1.58 करोड़** का घाटा और ED की तलवार

Adhbhut Infrastructure के लिए मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में कंपनी का नेट लॉस बढ़कर **₹1.58 करोड़** हो गया है, जबकि कुल एक्युमलेटेड लॉस **₹24.88 करोड़** तक पहुंच चुका है।

बढ़ते घाटे का गणित

कंपनी की ओर से जारी सालाना रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले फाइनेंशियल ईयर में कंपनी का नेट लॉस ₹0.64 करोड़ था, जो अब बढ़कर ₹1.58 करोड़ हो गया है। इसके अलावा, ऑपरेशन से होने वाली रेवेन्यू भी घटकर ₹0.61 करोड़ रह गई है, जो पिछले साल ₹0.83 करोड़ थी।

ऑडिटर्स ने दी चेतावनी

कंपनी के ऑडिटर्स ने 'गोइंग कंसर्न' (Going Concern) पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कंपनी के ऊपर ₹24.88 करोड़ का भारी-भरकम संचित घाटा है। इस वित्तीय दबाव के बीच, सितंबर 2024 में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा कंपनी की प्रॉपर्टीज और प्रमोटर शेयर्स को अटैच करने का आदेश कंपनी के लिए बड़ी मुसीबत बना हुआ है।

AGM पर निवेशकों की नजर

कंपनी ने 30 सितंबर, 2026 को अपनी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) बुलाई है। यहाँ कुछ बड़े प्रस्तावों पर शेयरहोल्डर्स की मंजूरी मांगी जाएगी:

  • उधार सीमा: कंपनी अपनी उधारी की सीमा को बढ़ाकर ₹10 करोड़ करना चाहती है।
  • लेन-देन: रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन के लिए ₹10 करोड़ तक की मंजूरी मांगी गई है।
  • लोन और गारंटी: ग्रुप एंटिटीज को ₹80 करोड़ तक का लोन या गारंटी देने का प्रस्ताव भी एजेंडे में है।

निवेशकों के लिए जोखिम

कंपनी जिस तरह की कानूनी चुनौतियों और गिरती नेटवर्थ का सामना कर रही है, वह किसी भी लॉन्ग-टर्म निवेशक के लिए खतरे की घंटी है। ED केस का अंतिम परिणाम और कंपनी की कैपिटल जुटाने की क्षमता ही आगे की दिशा तय करेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.