APL Apollo Tubes ने अपनी पूरी तरह से मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी Blue Ocean Projects को ₹160 करोड़ में बेचने का फैसला किया है। यह सब्सिडियरी रियल एस्टेट एसेट्स रखती है और APL Apollo के फाइनेंशियल्स में इसका योगदान बहुत कम है।
APL Apollo Tubes का रियल एस्टेट से नाता खत्म!
APL Apollo Tubes लिमिटेड अपनी पूरी तरह से मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी Blue Ocean Projects Private Limited (BOPPL) में अपनी पूरी शेयरहोल्डिंग ₹160 करोड़ में बेचने जा रही है। BOPPL मुख्य रूप से रियल एस्टेट एसेट्स रखने का काम करती है।
क्यों उठाया यह कदम?
यह कदम कंपनी की एसेट रैशनलाइजेशन स्ट्रैटेजी का हिस्सा है। BOPPL का APL Apollo Tubes के कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल्स में योगदान बेहद मामूली है। 31 मार्च 2026 तक, इसका टर्नओवर ₹14.91 करोड़ (कंसोलिडेटेड का 0.06%), कुल आय ₹17.16 करोड़ (कंसोलिडेटेड का 0.07%) और नेट वर्थ ₹139.09 करोड़ (कंसोलिडेटेड का 2.63%) था। इससे साफ है कि इस डिसइन्वेस्टमेंट का कंपनी के ओवरऑल परफॉर्मेंस पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा।
क्या है पूरा मामला?
Blue Ocean Projects Private Limited एक रियल एस्टेट फोकस्ड सब्सिडियरी है। यह ट्रांजैक्शन 'रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन' के तौर पर क्लासिफाई किया गया है।
आगे क्या होगा?
इस सब्सिडियरी के जरिए कंपनी रियल एस्टेट होल्डिंग बिजनेस से बाहर निकल जाएगी। इस सौदे के 31 दिसंबर 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है। खरीदार SG Realtor Private Limited है, जो 1997 में बनी एक रियल एस्टेट कंपनी है।
जोखिम पर नजर
हालांकि, फाइनेंशियल्स पर मामूली असर की उम्मीद है, लेकिन निवेशकों को 31 दिसंबर 2026 की डेडलाइन तक सौदे के समय पर पूरा होने की निगरानी करनी चाहिए। बिक्री प्रक्रिया में देरी या रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन से जुड़े किसी अप्रत्याशित मुद्दे का जोखिम हो सकता है।
आगे क्या ट्रैक करें?
निवेशकों को बिक्री समझौते की प्रगति और तय समय सीमा तक इसके फाइनल होने पर नज़र रखनी चाहिए। इस विनिवेश के सफल समापन से कंपनी के अपने मुख्य व्यवसाय पर फोकस की पुष्टि होगी।
