RailTel Corporation ने M/s Rajcomp Info Services Ltd (RISL) के साथ चल रहे लंबे विवाद को सुलझा लिया है। आर्बिट्रल ट्रिब्यूनल ने रेलटेल के पक्ष में फैसला सुनाते हुए **₹8 करोड़** का नेट भुगतान देने का आदेश दिया है।
विवाद का अंत और वित्तीय राहत
आर्बिट्रल ट्रिब्यूनल के इस फैसले ने कानूनी अनिश्चितता के बादल हटा दिए हैं। ट्रिब्यूनल ने रेलटेल के ₹94 करोड़ के दावों में से लगभग ₹13 करोड़ स्वीकार किए, जबकि RISL के ₹313 करोड़ के काउंटर-क्लेम को खारिज करते हुए उन्हें केवल ₹5 करोड़ ही मिले। नतीजतन, रेलटेल के पास ₹8 करोड़ का नेट इनफ्लो आएगा।
क्या है निवेशकों के लिए अपडेट?
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि मूल राशि ₹8 करोड़ के अलावा, लागू ब्याज (Interest) और GST भी रेलटेल को मिलेगा। यह कंपनी की बैलेंस शीट के लिए सकारात्मक संकेत है, क्योंकि यह एक संभावित लायबिलिटी के बजाय एक नेट रिसिवेबल (Receivable) बनकर सामने आया है।
आगे की राह (Risk & Watch)
कानूनी फैसला तो रेलटेल के पक्ष में रहा है, लेकिन निवेशकों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि यह कैश कब तक कंपनी के खजाने में पहुंचता है। आने वाली तिमाही नतीजों में इस आय की रिकवरी और कैश रिजर्व पर इसके असर को ट्रैक करना जरूरी होगा।
