CARE Ratings की रिपोर्ट के मुताबिक, Oriental Rail Infrastructure Ltd ने फंड का इस्तेमाल तय लक्ष्यों के अनुसार ही किया है, यानी कंपनी की तरफ से कोई डेविएशन (Deviation) नहीं हुआ है। हालांकि, एजेंसी ने फंड को मैनेज करने के तरीके पर कुछ प्रशासनिक चिंताएं जताई हैं।
रिपोर्ट में क्या सामने आया?
मॉनिटरिंग एजेंसी CARE Ratings ने 30 सितंबर, 2026 को समाप्त तिमाही के लिए अपनी रिपोर्ट सौंपी है। कुल इश्यू साइज ₹212.20 करोड़ था, जिसमें से ₹42.04 करोड़ की राशि अभी इस्तेमाल होनी बाकी है। अच्छी खबर यह है कि फंड्स का इस्तेमाल उन्हीं उद्देश्यों के लिए किया गया है, जिनकी मंजूरी शेयरधारकों ने दी थी।
चिंता की बात: ट्रेजरी में खामियां
हालांकि कंपनी ने फंड्स के मुख्य इस्तेमाल में कोई गड़बड़ी नहीं की है, लेकिन एजेंसी ने मैनेजमेंट की कार्यप्रणाली पर उंगली उठाई है:
- फंड की मिलावट (Commingling): कंपनी ने अनयूटिलाइज्ड फंड्स में से ₹0.05 करोड़ को अपनी एक सब्सिडियरी कंपनी के करंट अकाउंट में ट्रांसफर कर दिया, जो कि नियमों के हिसाब से गलत है।
- बैंक अकाउंट का गलत चुनाव: फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) बनाने के लिए कंपनी ने डेजिग्नेटेड मॉनिटरिंग अकाउंट के बजाय सामान्य करंट अकाउंट्स का इस्तेमाल किया, जो इंटरनल कंट्रोल की कमी को दर्शाता है।
फंड का नया बंटवारा
शेयरधारकों ने 30 अप्रैल और 9 सितंबर, 2026 को फंड के एलोकेशन में बदलाव को मंजूरी दी थी। इसके तहत वर्किंग कैपिटल की जरूरतों के लिए फंड को ₹147.20 करोड़ से बढ़ाकर ₹201.39 करोड़ कर दिया गया, जबकि कर्ज चुकाने (Debt Repayment) के लिए आवंटन को ₹50 करोड़ से घटाकर सिर्फ ₹3.78 करोड़ कर दिया गया।
निवेशकों के लिए आगे का रास्ता
निवेशकों को अब अगली तिमाही की मॉनिटरिंग रिपोर्ट पर नजर रखनी चाहिए। यह देखना जरूरी होगा कि क्या कंपनी ने अकाउंट्स को अलग-अलग (Segregate) करने की प्रक्रिया को दुरुस्त किया है या नहीं। साथ ही, बचे हुए ₹42.04 करोड़ का इस्तेमाल नियमों के दायरे में रहकर होता है या नहीं, यह भविष्य की कार्रवाई तय करेगा।
