iStreet Network के Q2 FY27 नतीजों में रेवेन्यू **152.9%** उछल गया है, लेकिन कंपनी के ऑडिटर्स ने **₹23.16 करोड़** के टैक्स बकाया और **₹8.12 करोड़** के बैड डेट्स पर सवाल खड़े करते हुए 'क्वालिफाइड ओपिनियन' दिया है।
ग्रोथ बनाम गवर्नेंस का संकट
iStreet Network ने अपनी दूसरी तिमाही (Q2 FY27) के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू 152.9% बढ़कर ₹47.18 करोड़ हो गया है, जबकि नेट प्रॉफिट 132.2% के उछाल के साथ ₹2.09 करोड़ पर पहुंच गया है। हालांकि, ये शानदार आंकड़े कंपनी की गवर्नेंस चुनौतियों के कारण फीके पड़ गए हैं।
ऑडिटर्स की 'क्वालिफाइड' चेतावनी
कंपनी के ऑडिटर्स S M M P & Company ने नतीजों पर 'क्वालिफाइड कंक्लूजन' दिया है। इसका सीधा मतलब है कि ऑडिटर्स को कंपनी की बैलेंस शीट में झोल नजर आ रहा है। इसमें मुख्य रूप से ₹8.12 करोड़ के पुराने ट्रेड रिसीवेबल्स और ₹23.16 करोड़ का TDS और GST जैसा सरकारी टैक्स बकाया शामिल है, जिसे अभी तक नहीं चुकाया गया है।
बड़े बदलाव और डिविडेंड का ऐलान
इन विवादों के बीच कंपनी ने कुछ बड़े बदलाव किए हैं। दर्शन सावंत (Ms. Darshana Sawant) को कंपनी सेक्रेटरी और कंप्लायंस ऑफिसर नियुक्त किया गया है। साथ ही, बोर्ड ने रिस्क मैनेजमेंट और सिक्योरिटीज अलॉटमेंट कमेटियों को भंग कर दिया है। इसके अलावा, कंपनी ने शेयरधारकों के लिए ₹0.05 प्रति शेयर का इंटरिम डिविडेंड भी घोषित किया है, जिसकी रिकॉर्ड डेट 13 नवंबर, 2026 तय की गई है।
निवेशकों के लिए जोखिम
फिलहाल सबसे बड़ा खतरा कंपनी की लिक्विडिटी और रेगुलेटरी अनुपालन (Compliance) को लेकर है। यदि कंपनी ₹23 करोड़ से ज्यादा का टैक्स बकाया जल्द नहीं चुकाती है, तो उसे कानूनी कार्रवाई और लिक्विडिटी के दबाव का सामना करना पड़ सकता है। शेयरधारकों को इन सरकारी देयताओं के भुगतान पर पैनी नजर रखने की जरूरत है।
