Zee Learn के शेयरधारकों ने भारी बहुमत के साथ अपनी मटेरियल सब्सिडियरी Liberium Global Resources को बेचने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। कुल **97.26%** वोट इस डील के पक्ष में पड़े हैं, जिससे अब बोर्ड के पास इसे बेचने का पूरा अधिकार आ गया है।
क्या है पूरा मामला?
Zee Learn Ltd ने 29 अगस्त 2026 को पोस्टल बैलट के जरिए शेयरधारकों की राय ली थी। इस प्रक्रिया में कुल 6,91,87,434 वोट डाले गए। कंपनी के इस प्रस्ताव को निवेशकों का जबरदस्त समर्थन मिला है, जिसमें 97.26% शेयरधारकों ने 'हां' में वोट किया, जबकि केवल 2.74% ने इसका विरोध किया।
क्यों है यह फैसला अहम?
Liberium Global Resources के बिकने से Zee Learn के एसेट बेस और कॉर्पोरेट स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव आएगा। चूंकि यह एक मटेरियल सब्सिडियरी है, इसलिए SEBI (Listing Obligations and Disclosure Requirements) Regulations, 2015 के नियमों के तहत शेयरधारकों की अनुमति लेना अनिवार्य था। अब इस मंजूरी के बाद, बोर्ड के पास कंपनी की हिस्सेदारी बेचने और मालिकाना हक ट्रांसफर करने का रास्ता साफ हो गया है।
अब आगे क्या?
अब कंपनी औपचारिक रूप से बिक्री की प्रक्रिया शुरू करेगी। निवेशकों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि इस बिक्री से कंपनी को कुल कितनी रकम (consideration) मिलती है और मैनेजमेंट इस फंड का इस्तेमाल कैसे करता है। इसके अलावा, बिजनेस के नए फोकस और भविष्य की स्ट्रैटेजी को लेकर भी अपडेट का इंतजार रहेगा।
