Zee Learn: कंपनी पर NCLT का संकट, Q2 नतीजों के बीच ऑडिटर की 'Going Concern' पर चेतावनी

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Zee Learn: कंपनी पर NCLT का संकट, Q2 नतीजों के बीच ऑडिटर की 'Going Concern' पर चेतावनी

Zee Learn के लिए मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। कंपनी ने Q2 FY2027 में **₹1.72 करोड़** का नेट लॉस रिपोर्ट किया है, साथ ही NCLT में चल रही दिवाला प्रक्रिया और ऑडिटर की गंभीर टिप्पणियों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।

फाइनेंशियल हाल और नेतृत्व में बदलाव

Zee Learn ने 22 अक्टूबर 2026 को अपने दूसरे तिमाही के नतीजे जारी किए। कंपनी ने स्टैंडअलोन आधार पर ₹4.98 करोड़ का नेट प्रॉफिट तो दिखाया, लेकिन कंसोलिडेटेड स्तर पर उसे ₹1.72 करोड़ का नुकसान उठाना पड़ा। इसी बीच, कंपनी के सीईओ और होल-टाइम डायरेक्टर मनीष रस्तोगी 8 नवंबर 2026 को रिटायर हो रहे हैं, जिससे कंपनी में नेतृत्व का एक बड़ा दौर खत्म होने वाला है।

क्यों घबराए हैं निवेशक?

कंपनी के ऑडिटर्स Ford Rhodes Parks & Co. LLP ने अपनी रिपोर्ट में 'क्वालिफाइड ओपिनियन' दी है। उनका कहना है कि कंपनी की आर्थिक स्थिति को देखते हुए यह साफ नहीं है कि क्या वह भविष्य में अपना बिजनेस जारी रख पाएगी (Going Concern Uncertainty)। साथ ही, कई लेंडर्स द्वारा कॉरपोरेट गारंटी इनवोक किए जाने के बाद कंपनी और उसकी सब्सिडियरी Digital Ventures Private Limited के खिलाफ NCLT में दिवाला प्रक्रिया (CIRP) के लिए याचिकाएं दाखिल हैं।

बड़ी रिस्क और अनिश्चितताएं

ऑडिटर्स ने ₹813.46 करोड़ के रिसीवेबल्स पर सवाल उठाए हैं, जिसके लिए कंपनी ने कोई इंपेयरमेंट असेसमेंट नहीं किया है। साथ ही, कॉरपोरेट गारंटी लायबिलिटीज के लिए कोई प्रोविजन न बनाना निवेशकों के लिए एक बड़ा खतरा बना हुआ है। NCLT में चल रही कार्यवाही पर सभी की नजर है, क्योंकि अगर ये याचिकाएं स्वीकार होती हैं, तो कंपनी के पूरे कैपिटल स्ट्रक्चर में भारी बदलाव आ सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.