Yuranus Infrastructure ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी घाटे से उबरकर **₹48.47 लाख** के नेट प्रॉफिट (Net Profit) में आ गई है। इसके साथ ही बोर्ड ने **₹0.10** प्रति शेयर डिविडेंड देने का प्रस्ताव रखा है।
मुनाफे में कैसे आई कंपनी?
बीते साल ₹43.51 लाख के नुकसान के मुकाबले इस बार कंपनी का प्रॉफिट ₹48.47 लाख पर पहुंच गया है। हालांकि, रेवेन्यू में भारी गिरावट देखने को मिली है, जो पिछले साल के ₹2,765.21 लाख से घटकर इस साल ₹1,085.24 लाख रह गया है। इसका मतलब साफ है कि कंपनी ने बड़े ऑपरेशंस के बजाय अब बेहतर कॉस्ट मैनेजमेंट और एफिशिएंसी पर ध्यान केंद्रित किया है।
प्रमुख आंकड़े (Key Metrics)
कंपनी का बेसिक और डाइल्यूटेड EPS सुधरकर ₹1.38 हो गया है, जो पिछले साल -₹1.24 था। वहीं, ऑपरेटिंग प्रॉफिट (PBDT) भी -₹13.40 लाख के मुकाबले बढ़कर ₹101.88 लाख पर पहुंच गया है।
गवर्नेंस में बदलाव
बोर्ड ने गवर्नेंस के मोर्चे पर भी बदलाव किए हैं। कंपनी ने M/s P K N & Co. के इस्तीफे के बाद M/s DTA & Associates को नया स्टैच्यूटरी ऑडिटर नियुक्त किया है, जो अगस्त 2026 से प्रभावी है।
निवेशकों के लिए जोखिम
कॉटन ट्रेडिंग सेक्टर में होने के कारण कंपनी कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और ग्लोबल डिमांड से प्रभावित हो सकती है। निवेशकों को कंपनी के वर्किंग कैपिटल मैनेजमेंट और आगे के मार्जिन पर पैनी नजर रखने की जरूरत है।
