मॉनिटरिंग एजेंसी CARE Ratings ने Yajur Fibres के IPO फंड मैनेजमेंट में भारी खामियां पकड़ी हैं। फंड की हेराफेरी और प्रोजेक्ट्स में देरी के चलते कंपनी के **₹31.13 करोड़** अभी भी अनयूटिलाइज्ड हैं।
गवर्नेंस और एग्जीक्यूशन की चुनौतियां
कुल IPO साइज ₹120.408 करोड़ था, जिसमें से अब भी ₹31.13 करोड़ का उपयोग नहीं हो पाया है। CARE Ratings की रिपोर्ट ने कंपनी के फाइनेंशियल डिसिप्लिन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या है पूरा मामला?
रिपोर्ट के मुताबिक, IPO से मिले पैसों को सीधे तौर पर इस्तेमाल करने के बजाय एक जनरल कैश क्रेडिट अकाउंट के जरिए रूट किया गया, जिससे फंड्स आपस में मिल (co-mingling) गए। साथ ही, कंपनी ने अपने IPO प्रोस्पेक्टस में बताए गए वेंडर्स की लिस्ट से हटकर काम किया, जो कि नियमों का उल्लंघन है।
प्रोजेक्ट्स की डेडलाइन में बदलाव
कंपनी के दो मुख्य प्रोजेक्ट्स—जगन्नाथपुर का कैपेसिटी एक्सपेंशन और उज्जैन का ग्रीनफील्ड यूनिट—अपने तय समय से काफी पीछे चल रहे हैं। कंपनी ने बोर्ड रेजोल्यूशन के जरिए अब इन प्रोजेक्ट्स को पूरा करने की डेडलाइन बढ़ाकर 31 मार्च 2027 कर दी है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
फिलहाल, बचा हुआ फंड Canara Bank की फिक्स्ड डिपॉजिट्स में रखा गया है, जो जनवरी-फरवरी 2027 में मैच्योर होगा। निवेशकों का भरोसा इस कदर टूटा है कि स्टॉक जो कभी ₹174 पर लिस्ट हुआ था, वह अब गिरकर ₹34 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है। आने वाले समय में कंपनी की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि क्या वे मार्च 2027 की नई डेडलाइन का पालन कर पाएंगे या फिर लागत और बढ़ेगी।
