XL Energy Ltd ने FY26 के नतीजों में **₹3.08 करोड़** का नेट लॉस रिपोर्ट किया है। कंपनी फिलहाल नॉन-ऑपरेशनल फेज में है और इसका शेयर ट्रेडिंग के लिए सस्पेंडेड है।
मुनाफे से घाटे में फिसला XL Energy
कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए अपने नतीजे जारी किए हैं। लगातार दूसरे साल कंपनी का रेवेन्यू शून्य (Nil) रहा है। पिछले फाइनेंशियल ईयर में ₹0.16 करोड़ का मामूली प्रॉफिट कमाने वाली कंपनी इस बार ₹3.08 करोड़ के घाटे में चली गई है। कंपनी का बेसिक EPS घटकर -₹19.24 पर आ गया है।
कानूनी दांव-पेंच और ट्रेडिंग पर रोक
फिलहाल निवेशकों की नजरें NCLAT में चल रही कानूनी कार्रवाई पर टिकी हैं, जहां NSE ने अपील दायर की है। जब तक यह कानूनी विवाद सुलझ नहीं जाता, तब तक शेयरों की ट्रेडिंग सस्पेंडेड रहेगी। कंपनी के कैपिटल स्ट्रक्चर में बड़े बदलाव किए गए हैं, जिसके तहत प्रेफरेंस और प्रमोटर शेयरों को खत्म कर दिया गया है ताकि नए रेजोल्यूशन आवेदकों को जगह दी जा सके।
ऑडिटर्स की चेतावनी और भविष्य पर संकट
कंपनी अभी एक 'मॉनिटरिंग कमेटी' द्वारा संचालित हो रही है। ऑडिटर्स ने कंपनी की 'गोइंग कंसर्न' स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कंपनी की देनदारियां उसकी संपत्ति से ₹744.68 करोड़ ज्यादा हैं, जो एक बड़ा वित्तीय जोखिम है। इसके अलावा, कंपनी में कंपनी सेक्रेटरी की अनुपस्थिति और वेबसाइट का फंक्शनल न होना भी गवर्नेंस के मोर्चे पर चिंताएं पैदा करता है।
