Woodsvilla Ltd की 38वीं AGM में कंपनी ने बड़े स्ट्रक्चरल बदलावों का प्रस्ताव रखा है। कंपनी अपने कर्ज की लिमिट को **₹15 करोड़** तक बढ़ाने और मुख्य हॉस्पिटैलिटी एसेट्स को बेचने की योजना बना रही है, जिससे बिजनेस मॉडल में बड़े बदलाव के संकेत हैं।
क्या है कंपनी का प्लान?
हाल ही में संपन्न हुई 38वीं एजीएम (AGM) में Woodsvilla Ltd ने पांच प्रस्ताव रखे हैं। इनमें से दो प्रस्ताव कंपनी के भविष्य के लिए काफी अहम हैं। मैनेजमेंट ने शेयरधारकों से कर्ज लेने की सीमा को बढ़ाकर ₹15 करोड़ करने की अनुमति मांगी है। इसके साथ ही, कंपनी ने अपने मुख्य बिजनेस यानी Woodsvilla Resort और Woodsvilla Residency को बेचने का प्रस्ताव भी रखा है।
निवेशकों के लिए क्यों है अहम?
इन एसेट्स को बेचने का मतलब है कि कंपनी अपने पारंपरिक हॉस्पिटैलिटी बिजनेस से बाहर निकल सकती है। वहीं, ₹15 करोड़ की कर्ज सीमा कंपनी की मौजूदा पेड-अप कैपिटल से ज्यादा हो सकती है, जो एक नई फाइनेंशियल स्ट्रेटेजी की ओर इशारा करता है। फिलहाल सभी की निगाहें वोटिंग नतीजों पर टिकी हैं, जो अगले 48 घंटों में सार्वजनिक किए जाएंगे।
बोर्ड और गवर्नेंस में बदलाव
बैठक में श्रीमती मीना अग्रवाल को दोबारा डायरेक्टर नियुक्त करने की मंजूरी दी गई। साथ ही, M/s कुंदन अग्रवाल एंड एसोसिएट्स को अगले 5 सालों (फाइनेंशियल ईयर 2026-27 से 2030-31) के लिए सेक्रेटेरियल ऑडिटर नियुक्त करने का प्रस्ताव रखा गया है।
अब आगे क्या?
निवेशकों को अब आधिकारिक वोटिंग नतीजों का इंतजार करना चाहिए। इसके साथ ही, यह देखना भी महत्वपूर्ण होगा कि मैनेजमेंट इन संपत्तियों को बेचने के पीछे क्या रणनीति रखता है और बढ़े हुए कर्ज का इस्तेमाल किस तरह से किया जाएगा।
