Wisec Global Ltd ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए **₹19.81 लाख** का नेट लॉस रिपोर्ट किया है। कंपनी फिलहाल कई मुश्किलों में घिरी है, जिसमें BSE पर ट्रेडिंग सस्पेंशन और रजिस्ट्रार के साथ विवाद मुख्य हैं।
बिगड़ती वित्तीय स्थिति
कंपनी के लिए मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। मार्च 2026 में खत्म हुए फाइनेंशियल ईयर में कंपनी ने ₹19.81 लाख का नेट लॉस दर्ज किया है, हालांकि यह पिछले साल के ₹25.69 लाख के नुकसान के मुकाबले मामूली सुधार है। कंपनी ने 30 सितंबर 2026 को अपनी AGM बुलाई है, जिसमें वे बोरिंग लिमिट को बढ़ाकर ₹50 करोड़ करने की मंजूरी मांगेंगे।
रेगुलेटरी और कंप्लायंस संकट
निवेशकों के लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि कंपनी के शेयर अभी भी BSE पर सस्पेंडेड हैं। इसके अलावा, रजिस्ट्रार और ट्रांसफर एजेंट 'Alankit Assignments Limited' के साथ चल रहे विवाद के कारण AGM में ई-वोटिंग की सुविधा भी उपलब्ध नहीं होगी।
गवर्नेंस में बड़ी चूक
एनुअल रिपोर्ट में गंभीर गवर्नेंस गैप सामने आए हैं:
- कंपनी ने फंड की कमी का हवाला देते हुए पूरे साल कोई भी कंपनी सेक्रेटरी नियुक्त नहीं किया।
- प्रमोटर्स ने अपने शेयर 'डीमैट' (Demat) फॉर्म में नहीं बदले हैं, जो सीधे तौर पर SEBI के नियमों का उल्लंघन है।
नई नियुक्तियां और भविष्य
कंपनी ने 25 मार्च 2026 से राकेश रामपाल को नया CFO नियुक्त किया है। अब कंपनी का सारा जोर बोरिंग क्षमता बढ़ाने पर है ताकि ऑपरेशंस को चालू रखा जा सके। हालांकि, जब तक ट्रेडिंग सस्पेंशन नहीं हटता और नियमों का पालन पूरा नहीं होता, कंपनी में निवेश जोखिम भरा बना हुआ है।
