WeWork India ने अपनी शेयर कैपिटल में **₹2,050.16 करोड़** की कटौती के लिए NCLT में अर्जी दी है। कंपनी इस कदम के जरिए अपने पुराने घाटों (Accumulated Losses) को खत्म करने की योजना बना रही है।
बैलेंस शीट की सफाई का बड़ा कदम
कंपनी अपनी बैलेंस शीट को दुरुस्त करने के लिए एक बड़ा कदम उठा रही है। वीवर्क इंडिया ने ₹2,050.16 करोड़ के संचित घाटे (Accumulated Losses) को खत्म करने का फैसला किया है। इसके लिए कंपनी अपने 'सिक्योरिटीज प्रीमियम अकाउंट' (Securities Premium Account) का इस्तेमाल करेगी, जिसमें ₹2,159 करोड़ की राशि मौजूद है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
यह समझना जरूरी है कि यह पूरी तरह से एक अकाउंटिंग एक्सरसाइज है। इसमें कैश का कोई लेन-देन शामिल नहीं है। इसलिए, कंपनी के रोजमर्रा के कामकाज (Daily Operations) या कैश फ्लो पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। यह कदम केवल कंपनी की फाइनेंशियल बुक्स को बेहतर दिखाने के लिए उठाया गया है।
कानूनी प्रक्रिया और नियम
कंपनी ने यह अर्जी 'कंपनीज एक्ट 2013' की धारा 66 और 52 के तहत दायर की है। बेंगलुरु बेंच में दाखिल इस याचिका पर अब NCLT सुनवाई करेगा। 16 जुलाई 2026 को बोर्ड और 25 अगस्त 2026 को शेयरहोल्डर्स से मंजूरी मिलने के बाद ही कंपनी ने यह प्रक्रिया शुरू की है।
आगे क्या होगा?
अब निवेशकों को NCLT की अगली सुनवाई का इंतजार है। जैसे ही ट्रिब्यूनल से अंतिम मंजूरी (Final Order) मिल जाएगी, कंपनी अपनी अकाउंटिंग एंट्रीज के जरिए इन बदलावों को रिकॉर्ड्स में शामिल कर लेगी।
