Waaree Energies Ltd में बड़ी इंटरनल री-ऑर्गनाइजेशन हुई है। C.T. Doshi Family Trust ने ऑफ-मार्केट 'इंटर-से गिफ्ट' के जरिए कंपनी में **18.34%** की इनडायरेक्ट हिस्सेदारी हासिल कर ली है।
क्या हुआ है कंपनी में?
प्रमोटर ग्रुप से जुड़ी C.T. Doshi Family Trust ने Waaree Sustainable Finance Private Limited (WSFPL) में 99.9995% हिस्सेदारी का अधिग्रहण किया है। क्योंकि WSFPL के पास Waaree Energies के 5,27,67,331 शेयर (कुल 18.34%) हैं, इसलिए यह ट्रस्ट अब इन शेयरों का इनडायरेक्ट मालिक बन गया है। यह पूरा लेन-देन चिमनलाल त्रिभुवनदास दोशी द्वारा 'इंटर-से गिफ्ट' के जरिए किया गया है।
निवेशकों के लिए क्या मायने हैं?
रिटेल निवेशकों को घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह पूरी प्रक्रिया कंपनी के भीतर की एक आंतरिक व्यवस्था है। प्रमोटर्स की कुल होल्डिंग में कोई बदलाव नहीं आया है और मार्केट से कोई शेयर नहीं खरीदे या बेचे गए हैं। बाजार में शेयरों की लिक्विडिटी पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।
SEBI की क्या है भूमिका?
आम तौर पर ऐसी ट्रांजैक्शन पर 'ओपन ऑफर' की शर्तें लागू होती हैं, लेकिन SEBI ने 3 जुलाई, 2026 को जारी अपने ऑर्डर (WTM/KCV/CFD/05/2026-27) में इसे फैमिली वेल्थ ट्रांसफर मानते हुए छूट दे दी है।
क्यों किया गया यह बदलाव?
कंपनी के मैनेजमेंट के मुताबिक, यह कदम मुख्य रूप से 'सक्सेशन प्लानिंग' (Succession Planning) और संपत्ति के व्यवस्थित हस्तांतरण के लिए उठाया गया है। यह बड़ी भारतीय कंपनियों में एक स्टैंडर्ड प्रैक्टिस है ताकि भविष्य में परिवार की विरासत को सुरक्षित रखा जा सके। फिलहाल, कंपनी के ऑपरेशन्स और कंट्रोल पूरी तरह स्थिर हैं।
