W.H. Brady & Company ने अपनी 113वीं AGM के लिए नोटिस जारी किया है। कंपनी अपनी सब्सिडियरी Brady & Morris Engineering के लिए हर साल **₹300 करोड़** की फंडिंग सुविधा चाहती है, जो सब्सिडियरी के हालिया मुनाफे के मुकाबले काफी बड़ी रकम है।
₹300 करोड़ के भारी-भरकम प्रस्ताव का गणित
W.H. Brady & Company लिमिटेड ने 26 सितंबर, 2026 को अपनी 113वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) बुलाई है। इस बैठक का मुख्य एजेंडा अपनी सब्सिडियरी कंपनी, Brady & Morris Engineering के लिए वित्तीय मदद का रास्ता साफ करना है। कंपनी अगले 10 सालों तक हर साल ₹300 करोड़ तक का लोन, गारंटी या सिक्योरिटी देने की मंजूरी शेयरधारकों से मांग रही है।
सब्सिडियरी का मौजूदा प्रदर्शन
दिलचस्प बात यह है कि Brady & Morris Engineering का फाइनेंशियल ईयर 2026 का नेट प्रॉफिट केवल ₹5.57 करोड़ रहा है, जबकि उसका टर्नओवर ₹73.10 करोड़ दर्ज किया गया था। कंपनी की मौजूदा नेटवर्थ ₹53.07 करोड़ है। ऐसे में ₹300 करोड़ की सालाना फंडिंग का प्रस्ताव सब्सिडियरी के मौजूदा कामकाज के साइज से काफी बड़ा है, जो किसी बड़े विस्तार या नई रणनीति की ओर इशारा करता है।
निवेशकों के लिए अहम जानकारियां
- मौजूदा गारंटी: फिलहाल पैरेंट कंपनी ने अपनी सब्सिडियरी के लिए ₹34 करोड़ की कॉर्पोरेट गारंटी दी हुई है।
- ई-वोटिंग: शेयरधारक 23 सितंबर से 25 सितंबर, 2026 के बीच ई-वोटिंग के जरिए अपनी राय दे सकते हैं।
- कट-ऑफ डेट: वोटिंग के लिए पात्र होने की अंतिम तारीख 19 सितंबर, 2026 तय की गई है।
जानकारों का मानना है कि रिलेटेड-पार्टी ट्रांजेक्शन के इतने बड़े प्रस्ताव पर निवेशकों को मैनेजमेंट से इस फंड के सटीक इस्तेमाल को लेकर सवाल जरूर पूछने चाहिए, ताकि कंपनी की फाइनेंशियल हेल्थ पर कोई बुरा असर न पड़े।
