Vivid Mercantile Limited ने फाइनेंशियल ईयर **2026** के लिए दमदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू बढ़कर **₹46.91 करोड़** पर पहुंच गया है, और फंड जुटाने के लिए कंपनी ने **1:2** के अनुपात में राइट्स इश्यू (Rights Issue) लाने की घोषणा की है। हालांकि, SEBI के पांच साल के मार्केट प्रतिबंध के आदेश को लेकर कानूनी चुनौती अभी भी निवेशकों के लिए बड़ा रिस्क बनी हुई है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नज़र
कंपनी के लिए पिछला फाइनेंशियल ईयर काफी सफल रहा है। FY25 के ₹13.71 करोड़ के मुकाबले कंपनी का रेवेन्यू इस बार बढ़कर ₹46.91 करोड़ हो गया है। साथ ही, कंपनी ने ₹10.79 करोड़ का नेट प्रॉफिट (Profit After Tax) दर्ज किया है। कंपनी अब लगभग कर्ज-मुक्त (Debt-free) हो चुकी है, जिसे एक अच्छा संकेत माना जा रहा है।
राइट्स इश्यू की डीटेल्स
अपनी वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने के लिए बोर्ड ने ₹25.06 करोड़ जुटाने की मंजूरी दी है। इसके तहत 5,01,28,200 नए शेयर ₹5 प्रति शेयर के भाव पर जारी किए जाएंगे। यह इश्यू उन निवेशकों के लिए 1:2 के रेशियो में उपलब्ध होगा जो इसके पात्र हैं। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि अभी डिविडेंड (Dividend) नहीं दिया जाएगा क्योंकि मैनेजमेंट का पूरा ध्यान इंटरनल रिसोर्सेज को ग्रोथ के लिए बचाकर रखने पर है।
क्या है कानूनी अड़चन?
शानदार आंकड़ों के बावजूद कंपनी पर संकट के बादल छाये हुए हैं। मई 2026 में SEBI ने कंपनी और उसके डायरेक्टर पर 5 साल का मार्केट बैन लगाया था। फिलहाल कंपनी ने इस आदेश को Securities Appellate Tribunal (SAT) में चुनौती दी है। भविष्य में इस मामले का फैसला शेयरधारकों के सेंटीमेंट और कंपनी के स्टेबल बिजनेस के लिए सबसे महत्वपूर्ण फैक्टर रहने वाला है।
आगे क्या देखें?
निवेशकों को अब SAT की सुनवाई पर बारीकी से नजर रखनी होगी। साथ ही, राइट्स इश्यू को मार्केट से कैसा रिस्पॉन्स मिलता है, यह भी कंपनी के प्रति निवेशकों के भरोसे का बड़ा पैमाना होगा।
