Vivanta Industries Ltd ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए मुनाफे में वापसी की है। कंपनी ने **₹60.02 लाख** का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। अब कंपनी अपनी 13वीं AGM में कर्ज की सीमा को बढ़ाकर **₹105 करोड़** करने पर शेयरहोल्डर्स से मंजूरी मांगेगी।
मुनाफे की पटरी पर वापसी
कंपनी ने अपनी फाइनेंशियल हेल्थ में बड़ा सुधार दिखाया है। पिछले फाइनेंशियल ईयर 2024-25 में जहाँ कंपनी को ₹132.22 लाख का नुकसान हुआ था, वहीं इस साल कंपनी ने ₹60.02 लाख का प्रॉफिट कमाया है। कंपनी के कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में भी 129% का जबरदस्त उछाल आया है, जो बढ़कर ₹253.34 करोड़ तक पहुँच गया है।
AGM में क्या है एजेंडा?
कंपनी 30 सितंबर, 2026 को अपनी 13वीं AGM आयोजित करने जा रही है। मैनेजमेंट की योजना कंपनी के विस्तार के लिए अपनी उधारी क्षमता (Borrowing Limit) को ₹90 करोड़ से बढ़ाकर ₹105 करोड़ करने की है। इसके साथ ही, अगले दो सालों के लिए ₹100 करोड़ तक के रिलेटेड-पार्टी ट्रांजेक्शन के लिए भी शेयरहोल्डर्स से अनुमति मांगी जाएगी।
गवर्नेंस और ऑडिट पर अपडेट
राहत की बात यह है कि कंपनी के स्टैट्यूशरी ऑडिटर्स ने फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स पर 'अनमॉडिफाइड ओपिनियन' दी है। साथ ही, कंपनी एक्ट 2013 की धारा 143(12) के तहत फ्रॉड का कोई भी मामला सामने नहीं आया है, जो कंपनी के बेहतर गवर्नेंस की ओर इशारा करता है।
आने वाले समय में निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि इन प्रस्तावों पर AGM में क्या फैसला होता है। यह वोटिंग ही तय करेगी कि भविष्य में कंपनी की कैपिटल एलोकेशन स्ट्रैटेजी क्या रहने वाली है।
