Vishvprabha Ventures ने अपनी 42वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है, जिसमें सभी पांच प्रस्तावों को **100%** शेयरधारकों का समर्थन मिला है। सबसे अहम फैसला कंपनी के कर्ज (Unsecured Loan) को इक्विटी में बदलने का है, जो बैलेंस शीट को मजबूत बनाने की एक बड़ी रणनीति है।
100% वोटिंग के साथ बड़े बदलाव
Vishvprabha Ventures की 42वीं AGM में मैनेजमेंट को जबरदस्त सपोर्ट मिला। मीटिंग में न केवल पिछले फाइनेंशियल ईयर के नतीजों को अपनाया गया, बल्कि कंपनी की भविष्य की दिशा को लेकर भी बड़े फैसले लिए गए। कंपनी ने M/S Nimesh Mehta and Associates को अगले 5 सालों के लिए स्टैच्यूटरी ऑडिटर नियुक्त किया है।
डेट-टू-इक्विटी कन्वर्जन का असर
कंपनी के लिए सबसे बड़ा कदम अनसिक्योर्ड लोन को इक्विटी शेयर्स में बदलना है। इससे कंपनी अपने कर्ज के बोझ को कम कर पाएगी और अपना कैपिटल बेस मजबूत कर सकेगी। हालांकि, इसके चलते नए शेयर्स जारी किए जाएंगे, जिससे मौजूदा इक्विटी स्ट्रक्चर में बदलाव आएगा।
लीडरशिप में निरंतरता
कंपनी ने लीडरशिप पर भरोसा जताते हुए Mr. Paresh Ramanlal Desai को अगले 5 साल के लिए एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के रूप में फिर से नियुक्त किया है। यह फैसला 30 जून, 2026 से प्रभावी हो गया है।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
अब निवेशकों की नजरें कंपनी की ओर से आने वाले एक्सचेंज फाइलिंग्स पर टिकी हैं। कंपनी जल्द ही प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट (Preferential Allotment) की शर्तें, कीमत और टाइमिंग का खुलासा करेगी, जो स्टॉक के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
