Virtual Global Education के निवेशकों के लिए बुरी खबर है। कंपनी के सितंबर तिमाही के नतीजों पर ऑडिटर्स ने सवाल उठाए हैं। कंपनी के पूर्व CFO पर **₹88.18 लाख** के फ्रॉड का आरोप लगा है, जबकि **₹33 करोड़** से ज्यादा के खर्चों का कोई ठोस सबूत नहीं मिला है।
मुनाफे से घाटे का सफर
ऑडिटर्स की रिपोर्ट के बाद कंपनी की वित्तीय स्थिति पूरी तरह बदल गई है। कंपनी ने पहले ₹2.95 लाख का मुनाफा दिखाया था, लेकिन ऑडिट एडजेस्टमेंट्स के बाद यह ₹83.78 लाख के बड़े नुकसान में तब्दील हो गया है। इसके चलते प्रति शेयर आय (EPS) भी 0.001 के पॉजिटिव आंकड़े से फिसलकर -0.015 के नेगेटिव स्तर पर आ गई है।
गबन के गंभीर आरोप
कंपनी के पूर्व CFO अंकित शर्मा पर ₹88.18 लाख के अनधिकृत ट्रांजैक्शन का आरोप है। इसके अलावा, सितंबर 2024 में जारी किए गए 14.25 करोड़ फुली कन्वर्टिबल वारंट्स के इस्तेमाल का भी कोई स्पष्ट रिकॉर्ड कंपनी पेश नहीं कर पाई है।
कहाँ फंसा है पैसा?
ऑडिट में ₹33 करोड़ से ज्यादा की रकम को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं, जिसका कोई सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट उपलब्ध नहीं है:
- लैंड एडवांसेज: ₹5.32 करोड़
- लोन और एडवांसेज: ₹21.44 करोड़
- ट्रेनिंग खर्च: ₹6.37 करोड़
इन अनियमितताओं की वजह से ऑडिटर्स ने कंपनी के इंटरनल फाइनेंशियल कंट्रोल्स को कमजोर माना है। अब मैनेजमेंट ने पूर्व CFO के खिलाफ कानूनी रिकवरी प्रक्रिया शुरू कर दी है, लेकिन SEBI की रेगुलेटरी जांच का खतरा निवेशकों के लिए अब भी सिर पर मंडरा रहा है।
