Vipul Ltd ने अपने कारोबार को आसान बनाने के लिए अपनी **6** पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरीज को मूल कंपनी में मिलाने की मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही कंपनी ने बोर्ड में **2** नए इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स की नियुक्ति की है और SEBI के नियमों का कड़ाई से पालन करने का भरोसा दिया है।
कॉरपोरेट स्ट्रक्चर में बड़ा सुधार
कंपनी ने कंपनी एक्ट, 2013 की धारा 233 के तहत अपनी 6 सब्सिडियरीज को पेरेंट कंपनी में विलय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक खर्चों को कम करना और टैक्स एफिशिएंसी को बेहतर बनाना है।
बोर्ड में नए चेहरे और गवर्नेंस पर फोकस
कॉरपोरेट गवर्नेंस को और मजबूत करने के लिए कंपनी ने बोर्ड में दो नए नाम जोड़े हैं। Dipesh Jaswantlal Shah और Sunil Kumar Gupta को इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नियुक्त किया गया है। साथ ही, Ajay Arjit Singh को उनके दूसरे 5 साल के कार्यकाल के लिए फिर से नियुक्त किया गया है।
SEBI के नियमों पर सफाई
पिछले कुछ समय में स्टॉक एक्सचेंज से लगे पेनल्टी और नियमों के उल्लंघन के मामलों पर मैनेजमेंट ने सख्त रुख अपनाया है। कंपनी ने अब SEBI की लिस्टिंग गाइडलाइंस का पूरी तरह पालन करने का वादा किया है, ताकि रेगुलेटरी विवादों को पीछे छोड़ा जा सके।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
हालांकि विलय से कंपनी का कामकाज आसान होगा, लेकिन निवेशकों को इस प्रक्रिया के दौरान होने वाले खर्चों और कानूनी मंजूरियों की टाइमलाइन पर नजर रखनी चाहिए। अगली बड़ी प्रक्रिया नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) और रीजनल डायरेक्टर की मंजूरी मिलने के बाद ही शुरू होगी।
