Vindhya Telelinks: AGM वोटिंग में बड़ा बदलाव, डायरेक्टर की दोबारा नियुक्ति का प्रस्ताव फेल

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AuthorMehul Desai|Published at:
Vindhya Telelinks: AGM वोटिंग में बड़ा बदलाव, डायरेक्टर की दोबारा नियुक्ति का प्रस्ताव फेल

Vindhya Telelinks ने अपनी 43वीं AGM के नतीजों में सुधार (Correction) जारी किया है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर श्री प्रिया शंकर दासगुप्ता के दोबारा नियुक्ति का प्रस्ताव जरूरी बहुमत नहीं मिलने के कारण पास नहीं हो पाया है।

क्या हुआ बदलाव?

Vindhya Telelinks ने अपनी 43वीं AGM (3 अगस्त, 2026) के वोटिंग नतीजों को लेकर एक स्पष्टीकरण जारी किया है। कंपनी ने बताया कि आइटम नंबर 5, जो श्री प्रिया शंकर दासगुप्ता की दोबारा नियुक्ति से जुड़ा था, उसे पहले गलती से 'पास' माना गया था, लेकिन कानूनी समीक्षा के बाद अब इसे 'नॉट पास्ड' (Not Passed) करार दिया गया है।

क्यों फेल हुआ प्रस्ताव?

यह सारा मामला SEBI के नियमों की गलत व्याख्या से जुड़ा है। कंपनी ने पहले रेगुलेशन 25(2A) का हवाला देते हुए इसे पास बताया था, लेकिन यह नियम केवल पहली बार की नियुक्ति के लिए लागू होता है। चूंकि यह दोबारा नियुक्ति (Re-appointment) का मामला था, इसलिए कंपनीज एक्ट, 2013 की धारा 149(10) के तहत 75% का विशेष बहुमत जरूरी था, जिसे यह प्रस्ताव हासिल नहीं कर सका।

बोर्ड और गवर्नेंस पर असर

कंपनी ने स्पष्ट किया है कि श्री प्रिया शंकर दासगुप्ता 20 नवंबर, 2026 तक अपने मौजूदा कार्यकाल तक बोर्ड में बने रहेंगे। साथ ही, कंपनी ने भरोसा दिलाया है कि बोर्ड का गठन और गवर्नेंस पूरी तरह से नियमों के दायरे में है। AGM में अन्य प्रस्ताव, जैसे कि श्री पंदंडा करियप्पा मदप्पा की पहली नियुक्ति, पूरी तरह मान्य और प्रभावी हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.