Veranda Learning Solutions के निवेशकों के लिए जरूरी खबर है। कंपनी ने अपने कॉमर्स बिजनेस के डीमर्जर के बाद शेयर की कॉस्ट ऑफ एक्विजिशन (Cost of Acquisition) के लिए नया अनुपात जारी कर दिया है।
नया कॉस्ट ऑफ एक्विजिशन रेश्यो
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि निवेशकों को अपनी मूल निवेश लागत को अब दो हिस्सों में बांटना होगा। इसके तहत 64.50% हिस्सा Veranda Learning Solutions (VLS) के लिए और 35.50% हिस्सा J.K. Shah Commerce Education Limited (JSCEL) के लिए आवंटित किया गया है।
क्यों जरूरी है यह बदलाव?
भविष्य में शेयर बेचने पर कैपिटल गेन्स टैक्स की सटीक गणना के लिए यह अनुपात बेहद अहम है। उदाहरण के तौर पर, यदि आपका कुल निवेश ₹1,00,000 था, तो अब इसे ₹64,500 (VLS) और ₹35,500 (JSCEL) के रूप में रिकॉर्ड किया जाना चाहिए।
बैकस्टोरी और महत्वपूर्ण तारीखें
कॉमर्स बिजनेस का डीमर्जर 31 अगस्त, 2026 से प्रभावी हुआ था। इस प्रक्रिया में 6 अक्टूबर, 2026 की रिकॉर्ड डेट तय की गई थी, जिसके तहत मौजूदा शेयरधारकों को 1:1 के अनुपात में 9.65 करोड़ से ज्यादा शेयर अलॉट किए गए थे।
निवेशकों के लिए सलाह
यह जानकारी केवल सामान्य मार्गदर्शन के लिए है और इसे आधिकारिक टैक्स सलाह न मानें। टैक्स संबंधी जटिलताओं और व्यक्तिगत पोर्टफोलियो को देखते हुए, निवेश के रिकॉर्ड को अपडेट करने से पहले अपने चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) या टैक्स एक्सपर्ट से परामर्श जरूर लें।
