Vellora Impact Limited (पहले Pratiksha Chemicals) ने **₹4.99 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो मुख्य रूप से **₹5.85 करोड़** की एसेट सेल से आया है। कंपनी केमिकल बिजनेस से हटकर अब IT सर्विसेज में जाने की तैयारी कर रही है।
मुनाफे के पीछे का सच
कंपनी के फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के नतीजों पर नजर डालें तो ऑपरेशनल रेवेन्यू ₹4.67 करोड़ रहा, जो पिछले साल ₹6.06 करोड़ था। कंपनी का कुल मुनाफा असल में एसेट बेचने से आई कमाई के कारण दिखा है, जबकि कोर बिजनेस अभी भी दबाव में है।
बड़ा स्ट्रैटेजिक बदलाव
कंपनी केमिकल पिगमेंट मैन्युफैक्चरिंग से निकलकर अब IT सर्विसेज में शिफ्ट हो रही है। बोर्ड ने 87 लाख से ज्यादा इक्विटी शेयरों का प्रिफरेंशियल इश्यू भी वापस ले लिया है, जो निवेशकों के लिए एक बड़ा संकेत है।
गवर्नेंस और रिस्क फैक्टर
निवेशकों को इन गंभीर मुद्दों पर सतर्क रहने की जरूरत है:
- बकाया भुगतान: कंपनी ने प्रोविडेंट फंड (PF) और एम्प्लॉई स्टेट इंश्योरेंस (ESI) के पैसे जमा नहीं किए हैं।
- ऑडिटर का इस्तीफा: M/s. Chandabhoy & Jassoobhoy ने 14 अगस्त 2026 को इस्तीफा दे दिया है।
- BSE की नजर: XBRL शेयरहोल्डिंग पैटर्न जमा न करने और डिस्क्लोजर में गड़बड़ियों के कारण कंपनी BSE के रडार पर है।
