Vellora Impact Ltd में गवर्नेंस का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। कंपनी की 35वीं AGM में शेयरधारकों ने मैनेजमेंट के सभी सात प्रस्तावों को सिरे से नकार दिया है। कुल **55.77%** वोट मैनेजमेंट के एजेंडे के खिलाफ पड़े हैं, जिससे कंपनी की साख पर बड़ा सवालिया निशान लग गया है।
क्या हुआ AGM में?
बीते 30 सितंबर, 2026 को हुई कंपनी की 35वीं सालाना आम बैठक (AGM) किसी बड़े झटके से कम नहीं रही। आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रस्ताव के खिलाफ कुल 61,463 वोट पड़े, जबकि समर्थन में केवल 48,746 वोट ही मिल सके। नतीजतन, मैनेजमेंट द्वारा पेश किए गए सभी सात प्रस्ताव गिर गए।
क्यों है यह बड़ी मुसीबत?
सबसे गंभीर बात यह है कि 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स को भी मंजूरी नहीं मिली है। इसके अलावा, कंपनी के स्टैच्यूटरी ऑडिटर्स की नियुक्ति और मैनेजिंग डायरेक्टर सुमित हरजीभाई गोल की दोबारा नियुक्ति को भी शेयरधारकों ने नामंजूर कर दिया है। इससे कंपनी में एक लीडरशिप और कंप्लायंस का वैक्यूम (Vacuum) पैदा हो गया है, जो रेगुलेटरी जांच को न्योता दे सकता है।
निवेशकों के लिए आगे का रास्ता
फिलहाल बोर्ड और ऑडिट स्ट्रक्चर को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। निवेशकों को अब कंपनी के उन डिस्क्लोजर पर नजर रखनी चाहिए, जिनमें यह बताया जाएगा कि आगे का रोडमैप क्या होगा। BSE की लिस्टिंग ऑब्लिगेशन के तहत अब बोर्ड के लिए इस गतिरोध को खत्म करना अनिवार्य हो गया है। जानकारों का मानना है कि कंपनी को स्थिति सुधारने के लिए जल्द ही एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) बुलानी पड़ सकती है।
