Veerkrupa Jewellers ने **103%** की दमदार रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है, लेकिन कंपनी का प्रॉफिट **16.4%** गिर गया है। इन नतीजों पर SEBI की **5 साल** की पाबंदी और ऑडिटर्स द्वारा उठाए गए गंभीर सवालों का काला साया मंडरा रहा है।
मुनाफे में गिरावट और ऑडिट पर सवाल
वित्त वर्ष 2026 के लिए कंपनी की कुल आय ₹59.39 करोड़ रही है। हालांकि, ऊपरी स्तर पर दिख रही इस चमक के बावजूद नेट प्रॉफिट ₹0.20 करोड़ से घटकर ₹0.17 करोड़ रह गया है। नतीजों से ज्यादा चिंता ऑडिटर्स की उस 'क्वालिफाइड ओपिनियन' (Qualified Opinion) को लेकर है, जिसमें नारोल ब्रांच के रिकॉर्ड्स में कमी, जीएसटी (GST) रिकॉन्सिलिएशन की दिक्कतों और ₹17.18 करोड़ की इन्वेंट्री का सत्यापन न हो पाने जैसी गंभीर बातें सामने आई हैं।
SEBI की सख्त कार्रवाई
कंपनी और उसके मैनेजिंग डायरेक्टर चिराग अरविंद शाह पर SEBI ने IPO विज्ञापनों और फ्रॉड ट्रेड प्रैक्टिस के चलते 5 साल के लिए मार्केट से प्रतिबंधित कर दिया है। साथ ही एमडी पर ₹20 लाख का जुर्माना भी लगाया गया है। कंपनी ने फिलहाल इस फैसले के खिलाफ सिक्योरिटीज अपीलेट ट्रिब्यूनल (SAT) में अपील दायर की है, जिस पर फैसला आना अभी बाकी है।
आगे क्या?
कंपनी ने नए ऑडिटर्स की नियुक्ति का प्रस्ताव रखा है, जिसे 29 सितंबर 2026 की एजीएम (AGM) में शेयरधारकों की मंजूरी मिलना बाकी है। फिलहाल, निवेशकों की नजरें SAT के फैसले पर टिकी हैं, क्योंकि यह कंपनी के भविष्य और मार्केट में साख के लिए सबसे महत्वपूर्ण मोड़ है।
