Vedic Ayurveda Ltd अपनी 45वीं AGM के लिए तैयार है, जो 30 अक्टूबर 2026 को होगी। कंपनी बोर्ड में बदलाव के साथ वेलनेस सेक्टर में कदम रखने जा रही है और BSE पर ट्रेडिंग सस्पेंशन हटाने की कोशिश में जुटी है।
AGM और बिजनेस की नई राह
Vedic Ayurveda Ltd ने अपनी 45वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) की तारीख 30 अक्टूबर 2026 तय की है। इस मीटिंग में बोर्ड में बड़े बदलाव किए जाएंगे, जिसमें Ms. Deepika Awasthi को 5 साल के लिए मैनेजिंग डायरेक्टर के पद पर फिर से नियुक्त करना और Mr. Atul Chauhan को इंडिपेंडेंट डायरेक्टर बनाना शामिल है। कंपनी ₹100 करोड़ तक की उधारी लेने के लिए भी शेयरहोल्डर्स से मंजूरी मांगेगी।
रेवेन्यू का संकट और नया विजन
कंपनी के लिए पिछले कुछ साल चुनौतीपूर्ण रहे हैं। फाइनेंशियल ईयर 2024-25 और 2025-26 में कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू शून्य (Nil) रहा है। इस दौरान कंपनी को ₹2.10 लाख का नेट लॉस हुआ है। अब मैनेजमेंट ने 'ऑब्जेक्ट क्लॉज' में बदलाव कर आयुर्वेद, हर्बल प्रोडक्ट्स और वेलनेस सेक्टर में उतरने का फैसला किया है, ताकि बिजनेस में जान फूँकी जा सके।
SAT से मिली राहत और BSE की बाधाएं
साल 2024 में हुए कंपलसरी डीलिस्टिंग के फैसले के खिलाफ कंपनी ने SAT (Securities Appellate Tribunal) का रुख किया था। 17 मार्च 2026 को SAT से पक्ष में फैसला आने के बाद, अब कंपनी BSE के पास ट्रेडिंग सस्पेंशन हटाने की अर्जी लगाने की प्रक्रिया में है।
निवेश से पहले इन जोखिमों को समझें
ऑडिटर्स ने कंपनी के फाइनेंशियल रिकॉर्ड्स पर 'क्वालीफाइड ओपिनियन' दिया है। मुख्य चिंताओं में लोन और एडवांस के बैलेंस की पुष्टि न होना और 2021-22 के बाद से इनकम टैक्स रिटर्न फाइल न करना शामिल है। हालांकि, मैनेजमेंट का कहना है कि कंपनी इनएक्टिव थी और अब सभी रेगुलेटरी खामियों को दूर किया जा रहा है। फिलहाल कंपनी में केवल 3 कर्मचारी ही काम कर रहे हैं, जिससे इसके नए बिजनेस मॉडल के एग्जीक्यूशन पर नजर रखना बेहद जरूरी होगा।
