Vedic Ayurveda ने अपनी 45वीं AGM का ऐलान कर दिया है, जो 30 अक्टूबर 2026 को होगी। कंपनी मैनेजमेंट इसमें लीडरशिप बदलाव और **₹100 करोड़** की कर्ज सीमा बढ़ाने पर चर्चा करेगी, लेकिन ऑडिट रिपोर्ट में टैक्स रिटर्न न भरने और लोन रिकॉर्ड गायब होने जैसी गंभीर खामियां सामने आई हैं।
AGM के एजेंडे में क्या है?
कंपनी ने अपनी आगामी 45वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में दीपिक अवस्थी को मैनेजिंग डायरेक्टर बनाने और अतुल चौहान को इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के रूप में नियमित करने का प्रस्ताव रखा है। इसके अलावा, कंपनी ₹100 करोड़ तक की उधारी और निवेश सीमा बढ़ाने की मंजूरी मांग रही है।
ऑडिटर ने उठाए गंभीर सवाल
स्टैच्युटरी ऑडिटर M/s GAV & Associates ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए 'क्वालिफाइड ओपिनियन' जारी किया है। ऑडिटर ने साफ किया है कि कंपनी ने विभिन्न लोन और एडवांसेज के बैलेंस की पुष्टि नहीं दी है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि कंपनी ने 2021-22 के बाद से इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल ही नहीं किए हैं, जिससे कंपनी पर भारी पेनल्टी का खतरा मंडरा रहा है।
ट्रेडिंग सस्पेंशन और फाइनेंशियल स्थिति
- ट्रेडिंग का हाल: अनुपालन (compliance) संबंधी मुद्दों के चलते कंपनी के शेयर 12 जून 2023 से सस्पेंडेड हैं। हालांकि, मार्च 2026 में Securities Appellate Tribunal (SAT) ने डीलिस्टिंग ऑर्डर को रद्द कर दिया था, लेकिन ट्रेडिंग की बहाली अभी भी पेंडिंग है।
- फाइनेंशियल रिपोर्ट: कंपनी का रेवेन्यू लगातार दूसरे साल शून्य रहा है। FY26 में कंपनी को ₹2.10 लाख का शुद्ध घाटा हुआ, जबकि पिछले साल यह घाटा ₹4.30 लाख था।
निवेशकों को सलाह दी जाती है कि कंपनी की लचर गवर्नेंस और ऑपरेशनल एक्टिविटी न होने के कारण सतर्क रहें।
