Vedanta Limited: निवेशकों ने दी नई Incentive स्कीम को हरी झंडी, CEO अरुण मिश्रा का कार्यकाल बढ़ा

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Vedanta Limited: निवेशकों ने दी नई Incentive स्कीम को हरी झंडी, CEO अरुण मिश्रा का कार्यकाल बढ़ा

Vedanta Limited के शेयरधारकों ने कंपनी की नई एंप्लॉई स्टॉक इंसेटिव स्कीम्स ESOS 2026 और ESPP 2026 को मंजूरी दे दी है। साथ ही, अरुण मिश्रा को एक बार फिर CEO के रूप में बरकरार रखा गया है।

बड़े फैसले और स्कीम्स की डिटेल्स

Vedanta लिमिटेड के शेयरधारकों ने पोस्टल बैलट के जरिए 10 प्रस्तावों को मंजूरी दी है। इसमें सबसे अहम कंपनी की दो बड़ी एंप्लॉई स्टॉक इंसेटिव स्कीम्स—ESOS 2026 और ESPP 2026 को लागू करना है।

इन स्कीम्स के लिए कंपनी एक 'एंप्लॉई वेलफेयर ट्रस्ट' के जरिए सेकेंडरी मार्केट से शेयर खरीदेगी। ESOS 2026 के तहत 16,62,04,184 शेयर (कुल पेड-अप कैपिटल का 4.25%) और ESPP 2026 के तहत 2,93,30,150 शेयर (कुल पेड-अप कैपिटल का 0.75%) कवर किए जाएंगे।

नेतृत्व में निरंतरता

कंपनी ने मैनेजमेंट लेवल पर स्थिरता सुनिश्चित करते हुए अरुण मिश्रा को फिर से एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और CEO नियुक्त किया है। साथ ही, प्रसून कुमार मुखर्जी को नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर 1 साल के कार्यकाल के लिए री-अपॉइंट किया गया है।

निवेशकों के लिए क्या है खास?

रिटेल निवेशकों के लिए राहत की बात यह है कि कंपनी नए शेयर जारी करने के बजाय मार्केट से ही शेयर खरीदेगी। इससे इक्विटी डायल्यूशन (Equity Dilution) का डर नहीं रहेगा और मौजूदा निवेशकों की हिस्सेदारी प्रभावित नहीं होगी।

किन बातों पर रखें नजर?

सेकेंडरी मार्केट से बड़ी संख्या में शेयरों की खरीद से स्टॉक में ट्रेडिंग वॉल्यूम बढ़ सकता है, जिससे शॉर्ट टर्म में वोलेटिलिटी (Volatility) देखने को मिल सकती है। इसके अलावा, निवेशकों को यह भी देखना होगा कि ट्रस्ट को फंड करने का कंपनी के फ्री कैश फ्लो पर क्या असर पड़ता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.