Vedanta Iron And Steel Ltd ने पोस्टल बैलट के जरिए **9** बड़े प्रस्तावों को पास कर लिया है। कंपनी अब 2026 के लिए अपने नए एम्प्लॉई स्टॉक ऑप्शन और शेयर परचेज प्लान पर काम शुरू करेगी।
पोस्टल बैलट के जरिए मिली मंजूरी
सितंबर 2026 की वोटिंग प्रक्रिया के दौरान कंपनी के शेयरधारकों ने सभी 9 प्रस्तावों पर अपनी सहमति दे दी है। इस प्रक्रिया की निगरानी बोर्ड द्वारा नियुक्त स्क्रूटिनाइजर श्री शिवराम भट्ट ने की और रिमोट ई-वोटिंग के नतीजों को सत्यापित किया गया।
प्रमुख बदलाव और फैसले
कंपनी ने M/s S.R. Batliboi & Co. LLP को अपना नया स्टेट्यूटरी ऑडिटर नियुक्त किया है। सबसे अहम फैसला 'Vedanta Iron And Steel Limited – एम्प्लॉई स्टॉक ऑप्शन प्लान 2026' और 'एम्प्लॉई शेयर परचेज प्लान 2026' को लेकर है। इसे एक ट्रस्ट-आधारित ढांचे के जरिए लागू किया जाएगा।
क्यों महत्वपूर्ण है यह कदम?
इस मंजूरी के बाद कंपनी अपने कर्मचारियों और सहायक कंपनियों के लिए इक्विटी-आधारित इंसेंटिव प्रोग्राम शुरू कर सकेगी। ट्रस्ट के माध्यम से शेयर खरीदने की प्रक्रिया से कंपनी अपने कंपनसेशन स्ट्रक्चर को और मजबूत करना चाहती है।
क्या हुआ उन 7 प्रस्तावों का?
बता दें कि 31 अगस्त 2026 को जारी नोटिस में कुल 16 एजेंडा आइटम थे। हालांकि, 21 सितंबर को बोर्ड ने प्रस्ताव संख्या 10 से 16 को वापस ले लिया था। नतीजतन, इन पर कोई वोटिंग नहीं हुई और इन्हें मौजूदा एजेंडे से पूरी तरह बाहर कर दिया गया है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
भविष्य में ट्रस्ट के जरिए शेयर खरीदने की प्रक्रिया बाजार की लिक्विडिटी या फ्लोटिंग स्टॉक पर असर डाल सकती है। निवेशकों को आने वाली अर्निंग्स कॉल में इस बात पर नजर रखनी चाहिए कि कंपनी इन डाइल्यूशन से संबंधित गतिविधियों को कैसे मैनेज करती है।
