इंसॉल्वेंसी प्रक्रिया (CIRP) से गुजर रही Vas Infrastructure ने सितंबर तिमाही के नतीजे जारी किए हैं, जिसमें कंपनी को **₹6.52 लाख** का नेट लॉस हुआ है। कंपनी पहले से ही गहरे वित्तीय संकट में है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
सितंबर 2026 तिमाही में कंपनी का नेट लॉस ₹0.0652 करोड़ दर्ज किया गया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने ₹0.08986 करोड़ का मुनाफा कमाया था। वित्तीय स्थिति इतनी खराब है कि ऑडिटर्स ने कंपनी के 'गोइंग कंसर्न' (कारोबार जारी रखने) के स्टेटस पर ही सवाल उठा दिए हैं।
क्यों बढ़ी हैं मुश्किलें?
कंपनी के स्टैच्यूटरी ऑडिटर्स 'Satya Prakash Natani & Co.' ने अपनी रिपोर्ट में गंभीर चिंताएं जताई हैं। उन्होंने कहा कि एसेट्स और लायबिलिटीज को लेकर उनके पास पर्याप्त ऑडिट सबूत नहीं हैं। सबसे बड़ा झटका तब लगा जब Canara Bank ने फरवरी 2026 में कंपनी के लोन अकाउंट को आधिकारिक रूप से 'फ्रॉड' (Fraud) घोषित कर दिया।
बैकस्टोरी: NCLT की दौड़
Vas Infrastructure 11 मार्च 2024 से ही CIRP के तहत है। पहले 'Authum Investment and Infrastructure Limited' का रेजोल्यूशन प्लान रिजेक्ट होने के बाद, अब 13 अगस्त 2026 से बिमल कुमार अग्रवाल को रेजोल्यूशन प्रोफेशनल (RP) नियुक्त किया गया है। अब कंपनी के पुनरुद्धार की जिम्मेदारी उन्हीं पर है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
कंपनी गंभीर गवर्नेंस और लिक्विडिटी रिस्क का सामना कर रही है। 'फ्रॉड' टैग और अकाउंटिंग डॉक्यूमेंट्स की भारी कमी किसी भी तरह के कर्ज समाधान में बड़ी बाधा बनी हुई है। निवेशकों को सलाह है कि वे NCLT की अगली कार्रवाई और रेजोल्यूशन प्रोफेशनल के अपडेट्स पर कड़ी नजर रखें।
